कश्मीर के लिए हवाई किराए में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सरकार सिवाय किराए को कंट्रोल में करने के लिए आश्वासन दे रही। इससे पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोग काफी नाराज हैं। उनका मानना है कि अगर ऐसा ही हाल रहा, तो उनका कारोबार प्रभावित हो सकता है।
जैसे ही कश्मीर में पर्यटन सीजन शुरू होता है, एयरलाइन कंपनियां किराए में बढ़ोतरी करना शुरू कर देती हैं। किरायों की बात करें, तो वीरवार (19 मई) का दिल्ली से श्रीनगर तक का हवाई किराया 11,000 से 22,000 रुपये के बीच पड़ रहा, जो आमतौर पर 5,000 के करीब होता है।
लोगों के अनुसार पहले हलकी बढ़ोतरी होती थी, लेकिन अब किराए आसमान छू रहे हैं। श्रीनगर में ट्रेवल एजेंसी चला रहे शेख मुस्तफा के अनुसार उन्हें लगता है कि अगर ऐसा ही हाल रहा, तो पर्यटन सीजन प्रभावित हो सकता है।
उनके अनुसार सरकारें केवल हवाई किराए पर रोकथाम करने का आश्वासन देती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ नहीं हो रहा। मुस्तफा के अनुसार एयरलाइन कंपनियां कश्मीर के पर्यटन सीजन का लाभ उठाती हैं।
गौरतलब है कि गर्मी में पर्यटक कश्मीर का रुख करते हैं, लेकिन हवाई किराए में बढ़ोतरी से अधिकतर लोग इसका लाभ नहीं उठा पाते और वह किसी अन्य जगह की सैर करने का प्लान बनाते हैं। पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों के अनुसार पर्यटक शिमला, कुल्लू, मनाली, आदि जगहों का रुख करते हैं। लोगों ने मांग की है कि हवाई किराए पर नियंत्रण रखा जाए, विशेष तौर पर पर्यटन सीजन के दौरान।