अमृतसर बॉर्डर पर टिफिन बम में मैगनेट का इस्तेमाल किया गया है। इसके पहले जम्मू के सांबा मे 14 आईईडी मिली, इनमें भी मैगनेट का इस्तेमाल किया गया था। ऐसा जानबूझ कर किया जा रहा है। क्योंकि मैगनेट से इनको किसी भी चलती बस या फिर खड़ी बस में लगाया जा सकता है।
कोई एक खास वस्तु नहीं। जो कोई वस्तु एक से पांच किलो वजन उठाने में सक्षम हो। उसमें आईईडी को फिट करके भेजा जा सकता है। पाकिस्तान में आईईडी को पूरी तरह से तैयार करके ही भेजा जा रहा है। क्योंकि यहां तैयार करने वाले उनके पास लोग नहीं। उनकी इस तरह की हरकतों पर हमारी पूरी नजर है। बीएसएफ, सेना, पुलिस सब मिलकर काम कर रहे हैं। ड्रोन गतिविधियों को लेकर एंटी ड्रोन सिस्टम तैयार किया गया है। -मुकेश सिंह, एडीजीपी, जम्मू
हर जगह चुनौती, निपटने को तैयार
ड्रोन से सिर्फ टिफिन ही नहीं, वह लोग किसी भी वस्तु में इसे फिट करके भेज सकते हैं। यह एक नई चुनौती बनी हुई है। जिससे निपटने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। हर जगह एंटी ड्रोन सिस्टम लगाना भी संभव नहीं। लेकिन पूरी अलर्टनेस है। -देवेंद्र आनंद, प्रवक्ता भारतीय सेना, जम्मू