घाटी में बढ़ रहे आतंकी हमलों के पीछे आतंकियों के स्लीपर सेल का अधिक सक्रिय होना मुसीबत बन गया है। आतंकियों को हर तरह के इनपुट मुहैया कराए जा रहे हैं। इसमें ओवरग्राउंड वर्कर, सरकारी कर्मी और यहां तक की स्कूल कालेज में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स तक शामिल हैं।
कश्मीर से लेकर जम्मू तक आतंकियों का स्लीपर सेल सक्रिय हो गया है। सूत्रों के अनुसार बनिहाल में एसएसबी पोस्ट पर हमला करने वाले आतंकियों से पूछताछ में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। इससे पता चला है कि कश्मीर से लेकर जम्मू तक आतंकियों का स्लीपर सेल काम करता है।
बनिहाल और काजीगुंड के बीच कोई अधिक दूरी नहीं है। इसलिए आतंकियों का स्लीपर काजीगुंड से आतंक को जम्मू संभाग में के रामबन जिले में जिंदा करना चाहता है। आतंकियों के लिए काम करने वाले स्लीपर सेल में कुछ ऐसे भी हैं, जो जम्मू, श्रीनगर से अन्य राज्यों में फल, सब्जी लेकर आते जाते हैं।
हाईवे से जुड़ी जानकारी का जिम्मा इसका कारोबार करने वाले कुछ ट्रक चालकों को दिया गया है। इंटरनेट के जरिये जानकारियां जुटाने का जिम्मा स्टूडेंट्स, आतंकियों तक हथियार, गोला बारूद और पैसे पहुंचाने का जिम्मा ओवरग्राउंड वर्करों के पास है।
आतंकियों को हमला करने वाले स्थानों तक पहुंचाने के लिए भी कुछ ट्रक चालक काम कर रहे हैं। ऐसा एक मामला सामने भी आ चुका है। उधमपुर के नरसूू में हमला करने वाले आतंकियों को कश्मीर के रहने वाले ट्रक चालक ने ही वहां पहुंचाया था।