डेंगू का डंक शांत नहीं हुआ है। आठ और नए पाजिटिव मामलों के साथ जम्मू संभाग में अब तक 307 लोग डेंगू पाजिटिव हो चुके हैं। जम्मू में सबसे अधिक 266 लोग पीड़ित हैं। शहर और आसपास के अधिकांश इलाके डेंगू से प्रभावित हैं। अस्पतालों में बुखार के पीड़ितों का पहुंचना जारी है। सैंपलों के टेस्ट के लिए निजी लेबोरेटरी में पीड़ितों की बेतहाशा भीड़ पहुंच रही है।
शहर के बीचोबीच स्वास्थ्य निदेशालय स्थापित होने के बावजूद जिला जम्मू ही डेंगू से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। इससे मलेरिया विंग के मच्छरों के खिलाफ अभियानों पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों में रोष है कि अधिकतर हिस्से डेंगू से प्रभावित हैं, लेकिन मच्छरों के खात्मे के लिए उच्च स्तर पर अभियान नहीं चलाए गए हैं।
जीएमसी की माइक्रोबायोलाजी लेबोरेटरी में 154 सैंपलों की रिपोर्ट आना बाकी है। अब तक पाजिटिव मामलों में 101 बच्चे पीड़ित हो चुके हैं। विशेषज्ञों के अनुसार अक्टूबर के आखिर तक डेंगू का प्रकोप जारी रहेगा। दिन में तपिश के जारी रहने से डेंगू के मच्छरों को पनपने में मदद मिल रही है।
जम्मू शहर की पॉश कालोनियां भी डेंगू से प्रभावित हैं। डेंगू के प्राथमिक प्लेटलेट्स और हेमोग्लोबिन टेस्ट के बाद पीड़ित को उचित इलाज दिया जाता है। इस मौसम में वारयल बुखार से भी बड़ी संख्या में लोग पीड़ित हो रहे हैं। इसका असर 3-5 दिन तक रहता है। बुखार के दौरान शारीरिक क्षमता कमजोर पड़ने से प्लेटलेट्स की मात्रा कम हो जाती है। लेकिन निजी लेबोरेटरी में ऐसे टेस्ट में प्लेटलेट्स कम आने से लोग डेंगू समझ रहे हैं।