जम्मू। सीमा पार से हथियारों की तस्करी मामले में जैश ए मोहम्मद के चार आतंकियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया है। 11 जुलाई 2021 को गंग्याल पुलिस ने पुरमंडल मोड़ के पास एक कश्मीर नंबर के ट्रक के चालक को पकड़ा था। इसके पास से एक पिस्टल, ग्रेनेड और कारतूस बरामद किए गए थे। मामले की जांच एनआईए कर रही है। जांच में यह पाया गया कि पाकिस्तान में बैठे जैश हैंडलर अबू हमजा ने इन हथियारों को सांबा बार्डर पर ड्रोन के जरिए गिराया। बाद में पुलवामा का रहने वाला ट्रक चालक हथियार ले आया, लेकिन पकड़ा गया।
पुलिस के पास पुख्ता सूचना थी कि कश्मीर नंबर का एक ट्रक हथियारों की तस्करी में इस्तेमाल किया जा रहा है। सूचना के आधार पर ट्रक नंबर जेके13ई 0211 को रोका गया। इसके चालक मुंतजिर मंजूर निवासी पुलवामा से पूछताछ में उससे हथियार बरामद हुए। मंजूर ने पूछताछ में बताया कि वह पाकिस्तान में बैठे आतंकी अबू हमजा के साथ व्हाटसएप काल के जरिए संपर्क में था। वह अपने एक साथी तौसीफ अहमद के साथ सांबा पहुंचा। यहां उसने हथियार और गोला बारूद बरामद किया। यह हथियार ड्रोन से गिराए गए थे। पूरी जांच में यह सामने आया कि हथियारों की तस्करी ड्रोन के जरिए की गई। पूरी साजिश में चार लोग मुंतजिर, तौसीफ, उत्तर प्रदेश का रहने वाला इंतिजर खान और जहांगीर अहमद भट्ट शामिल हैं। यह चारों जैश के लिए काम करते हैं और लंबे समय से हथियारों को ट्रक में ले जाकर आतंकियों तक पहुंचाते थे। जेएनएफ
अपहरण के बाद जबरन शादी फिर बेचने का प्रयास
जम्मू। पहले अपहरण, फिर जबरन शादी कर बच्चा पैदा किया। इसके बाद पत्नी को बेचने की कोशिश की। इस मामले में शामिल दो आरोपियों में से एक की जमानत अर्जी किश्तवाड़ जिला अदालत ने नामंजूर कर दी है। 17 जनवरी 2020 को मोहम्मद इशाक और उसके साथी अब्दुल राशिद पर दुष्कर्म का केस दर्ज हुआ था। जानकारी के अनुसार आरोपियों ने पीड़िता का अपहरण किया और उसे डोडा ले गए। इसके बाद अब्दुल राशिद तो वहां से लौट आया, लेकिन मोहम्मद इशाक वहीं पर रुका और इसके बाद उसे अमृतसर ले गया। यहां पहुंचकर उसने जबरन पीड़िता से शादी कर ली। एक साल तक वह दुष्कर्म करता रहा। इसके चलते पीड़िता गर्भवती हो गई और उसने एक बच्चे को जन्म दिया। जो अब 8 महीने का है। जांच में पाया गया कि आरोपी मोहम्मद इशाक ने न सिर्फ जबरन शादी की, बच्चा पैदा किया, बल्कि बच्चा पैदा होने के बाद पीड़िता को कुलदीप नाम के युवक के पास बेचने का प्रयास भी किया, लेकिन पैसे अधिक न मिलने के चलते उसने पीड़िता को अपने पास ही रखा।
न्यायाधीश यशपाल कोतवाल ने मामले पर दोनों तरफ की दलीलें सुनीं। कहा कि इस मामले की जांच में अभी तक आरोप तय नहीं किए गए। यह एक संगीन अपराध का मामला है। लिहाजा इसमें किसी को जमानत देने का आधार नहीं बनता। चालान में अभियोजन द्वारा गवाहों की जांच अभी बाकी है। जेएनएफ