जम्मू। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने दुबई में इन्वेस्टर्स सम्मेलन में बड़े-बड़े औद्योगिक घरानों तथा व्यापारिक समूहों को जम्मू-कश्मीर में निवेश करने के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि यह नया जम्मू कश्मीर है जो आर्थिक विकास के लक्ष्यों को आगे बढ़ाकर पिछले 7 दशकों की प्रवृत्ति को उलटने के लिए दृढ़ संकल्पित है। हमारा उद्देश्य बहुत स्पष्ट है- व्यावसायिक फ र्मों के साथ विश्वास को गहरा करना, अर्थव्यवस्था के लिए औद्योगिक आधार का निर्माण करना और सामाजिक स्थिरता को मजबूत करना। इसमें अथक प्रयास हमें लाभांश दे रहा है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी ने दुनिया को कठिन तरीके से वैश्वीकरण के गुणों, परस्पर जुड़ी दुनिया का एहसास कराया। आज पूरी दुनिया वैश्विक स्तर पर सहयोग तथा जुड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही है। कारोबारी समूह इसे अवसर के रूप में देख रहे हैं। यह अवसर असंतृप्त बाजार में निवेश करने का एक अवसर भी है। पहले आने वाले (फ र्स्ट-मूवर) को फ ायदा है क्योंकि जम्मू कश्मीर एक असंतृप्त बाजार है। कोई एक नया व्यापार नेटवर्क बना सकता है और केंद्र शासित प्रदेश में तेजी से बढ़ते अवसरों का लाभ उठा सकता है। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं सरकार पारंपरिक कोर क्षेत्रों और नए युग के प्रौद्योगिकी संचालित क्षेत्रों के लिए स्थायी, संतुलित, प्रगतिशील और प्रतिस्पर्धी कारोबारी माहौल सुनिश्चित करने के लिए हर कदम पर एक सुविधाकर्ता, भागीदार, प्रदाता, सहयोगी और प्रमोटर होगी।
उपराज्यपाल ने कहा कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) दोस्ती और ऐतिहासिक संबंधों के मजबूत बंधनों में लंबे समय से बंधे हुए हैं, जिसे प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से और मजबूत किया गया। इसे आगे बढ़ाते हुए जम्मू-कश्मीर सरकार अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के साथ काम कर रही है। दोनों देशों के लोगों के साझा हितों की सेवा करने, विकास और प्रगति के अधिक अवसर पैदा करने के लिए हम छोटे और मध्यम उद्यमों, शैक्षणिक संस्थानों, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य की स्थापना और बागवानी क्षेत्र में बारीकी से काम करने में भी सहयोग कर रहे हैं। यह मेरा दृढ़ विश्वास है कि उद्योग एक प्रगतिशील व्यापार नियामक वातावरण में पनपेंगे जो अब जम्मू-कश्मीर में स्थापित हो गया है।
एक्सपो में भारतीय पवेलियन का किया दौरा, बोले-बेहतर प्रयास
उपराज्यपाल ने संयुक्त अरब अमीरात के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने और भारत में विभिन्न क्षेत्रों के विकास में अत्यधिक योगदान देने के लिए वहां रहने वाले भारतीय समुदाय के प्रति भी आभार व्यक्त किया। कहा कि एक्सपो में लगाए गए भारतीय पवेलियन में जम्मू-कश्मीर को विशेष तौर पर आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया है। इसके लिए जम्मू-कश्मीर के उद्योग, संस्कृति, पर्यटन विभाग सहित अन्य संस्थानों ने बेहतर प्रयास किए हैं। कहा, मैं पहली बार इस एक्सपो में आया हूं, लेकिन भारत का पवेलियन देखने के बाद निश्चित रूप से गर्व महसूस कर रहा हूं। इसमें 75 वर्ष की देश की उपलब्धियों को हमने बताया है। नए भारत की तस्वीर को दिखाने की भी कोशिश की गई है। भारत की संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत को यहां प्रदर्शित करने के साथ देश की आर्थिक और वैज्ञानिक क्षमता को दिखाया गया है। एक्सपो में दुनियाभर से आने वाले लोग आकर्षित हो रहे हैं। जहां तक जम्मू-कश्मीर का सवाल है तो इस तरह के आयोजन में पहली बार प्रदेश की हिस्सेदारी हुई है। इसमें जम्मू-कश्मीर की कला, संस्कृति, शिल्प कला से प्रत्यक्ष रूप से लोगों को रूबरू कराया जा रहा है।
सुल्तान से मिलकर एलजी ने की निवेश पर चर्चा
दुबई यात्रा के दौरान उपराज्यपाल ने डीपी वर्ल्ड, दुबई के समूह चेयरमैन व सीईओ सुल्तान अहमद बिन सुलेयम से मुलाकात में केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के अवसरों पर चर्चा की। गत दिवस दुबई में लुलू समूह ने जम्मू-कश्मीर के साथ विभिन्न क्षेत्रों के लिए निवेश के लिए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। इसमें कश्मीर में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने पर जोर है।