कठुआ आतंकी हमले के तार कहीं न कहीं डुडु बसंतगढ़ में 27 अप्रैल को हुए हमले से जुड़ते नजर आ रहे हैं। हालांकि आतंकियों द्वारा वीडीजी की हत्या करने के बाद सुरक्षा बलों ने डुडु बसंतगढ़ में घेराबंदी कर दी थी। अब कठुआ हमले के बाद तलाशी अभियान और तेज कर दिया है।
बसंतगढ़ के लोदरा, कदवा, रायचक्क, सेरी गलां, गंडारा टॉप, नगरी टॉप, सियोजधार, ललोन गला, चनाली, प्याला, संग, मदराला, टॉप, लंबी कलाई तक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इसमें ड्रोन, खोजी कुत्तों और हेलिकॉप्टर की भी मदद ली जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, इन पहाड़ी क्षेत्रों के जंगलों में गुज्जर-बकरवाल समुदाय के लोग मवेशियों के साथ डेरा जमाए हुए हैं। इनकी आड़ में आतंकी लगातार ठिकाने बदल रहे हैं और हथियारों के दम पर गुज्जर समुदाय के लोगों को डरा धमका कर अपने खाने पीने की व्यवस्था कर रहे हैं। जब तक सुरक्षा बलों को इसकी जानकारी प्राप्त होती है तब तक आतंकी अपना ठिकाना बदल चुके होते हैं। डुडु बसंतगढ़ आतंकी हमले के बाद एडीजीपी आनंद जैन ने दो आतंकी समूहों से जुड़े लगभग 10 से 12 आतंकियों के होने की आशंका जताई थी।
कठुआ और उधमपुर के डुडु बसंतगढ़ में आतंकी मौजूद हैं। कठुआ में सैन्य काफिले पर हमले के तार डुडु बसंतगढ़ में हुई आतंकी मुठभेड़ से जुड़े हुए हैं, इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। डुडु बसंतगढ़ और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान जारी है। उम्मीद है कि सुरक्षाबलों को जल्द सफलता मिलेगी। - जोगिंद्र सिंह, एसएसपी, उधमपुर