जम्मू। शिक्षा विभाग ने व्यवस्था में बदलाव के लिए ऑनलाइन एनुअल ट्रांसफर ड्राइव तो शुरू की, लेकिन इसका फायदा होता नहीं दिख रहा। शिक्षक इसके विरोध में उतर आए हैं। शिक्षकों का कहना है कि इसमें लंबे समय से शहरों में तैनात शिक्षकों ने तबादले के लिए आवेदन ही नहीं किया, जिसके चलते शहरों में पद खाली नहीं हुए, जिसका नतीजा ये हुआ है कि दूरदराज तैनात शिक्षकों का और दूरस्थ क्षेत्रों में तबादला किया जा रहा है।
शिक्षकों के मुताबिक इस ड्राइव का मुख्य उद्देश्य यह था कि एक ही जगह लंबे समय से तैनात शिक्षकों का तबादला करना। इसके लिए लेक्चरर, मास्टर और शिक्षकों से आवेदन मांग गए हैं। आवेदन करने वालों की संख्या 30 प्रतिशत से भी कम है। शहरों में तैनात शिक्षकों ने आवेदन ही नहीं किया। आवेदन करने वाले दूरदराज क्षेत्रों में तैनात शिक्षक ही हैं, लेकिन उन्हें इसका कोई फायदा नहीं हो रहा, उन्हें और भी दूर भेज दिया गया। जिसका शिक्षक विरोध कर रहे हैं और बदलाव की मांग कर रहे हैं।
ऑल जम्मू-कश्मीर और लद्दाख टीचर फोरम के उपाध्यक्ष नीरज शर्मा ने कहा कि विभाग की पहल तो ठीक है, लेकिन ड्राइव में सरप्लस और लंबे समय से शहरों में तैनात शिक्षकों को छेड़ा ही नहीं गया है। पहले से गांवों में तैनात शिक्षकों को दूसरे गांवों में भेजा गया है। उन्होंने कहा कि हमने निदेशक स्कूल शिक्षा जम्मू रवि शंकर शर्मा के समक्ष भी यह मद्दा उठाया है।