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टारगेट किलिंग: साजिश को नाकाम करने के लिए बहुस्तरीय रणनीति तैयार, घाटी में ढूंढ-ढूंढकर निकाले जाएंगे किलर

Tue, 19 Oct 2021 08:28 AM IST
शाहरुख खान बृजेश कुमार सिंह, अमर उजाला, जम्मू

सार

टारगेट किलिंग रोकने के लिए बहुस्तरीय रणनीति तैयार की गई है।  ढूंढ-ढूंढकर किलर निकाले जाएंगे। सीमा पार हैंडलरों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए हाइब्रिड आतंकियों व मददगारों पर प्रहार होगा। 
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जम्मू-कश्मीर (फाइल फोटो) - फोटो : बासित जरगर
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विस्तार
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घाटी में टारगेट किलिंग से किरकिरी और वहां रहने वाले हिंदुओं एवं गैर कश्मीरियों में फैली दहशत के मद्देनजर सरकार ने पाकिस्तान प्रायोजित नई साजिश को कुचलने के लिए बहुस्तरीय रणनीति तैयार की है। सीमा पार के हैंडलरों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पूरी घाटी में सुरक्षा बलों के जवान हाइब्रिड आतंकियों और उनके मददगारों पर प्रहार करेंगे। 

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खोज-खोजकर ऐसे देश-विरोधी तत्वों को निकाला जाएगा। सरकारी महकमे में भी इनके हमदर्दों की तलाश की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों ने बताया कि तय रणनीति के अनुसार पूरी घाटी में संदिग्ध पृष्ठभूमि वाले पत्थरबाजों, ओजीडब्ल्यू और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को गिरफ्तार कर टारगेट किलिंग करने वालों एवं उनके मददगारों में भय का माहौल पैदा होगा। 

दूसरा ऐसे लोगों को प्रदेश के बाहर की जेलों में भेजकर सीमा पार के नेटवर्क को तोड़ा जाएगा। वहीं, प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी एवं तहरीक-ए-हुर्रियत और ठंडे पड़े बैठे अलगाववादी संगठनों की गतिविधियों पर पैनी निगाह रखते हुए उन्हें किसी भी प्रकार की गतिविधियों में शामिल होने से रोका जाएगा। चौथा पूरी घाटी में धरपकड़ तेज करते हुए पुराने शातिरों पर पीएसए लाकर प्रदेश से बाहर की जेलों में भेजा जाएगा। ऐसा करने से उनके हैंडलरों का संपर्क कट जाएगा। 
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सूत्रों ने बताया कि हाल में सुरक्षा एजेंसियों की हुई उच्च स्तरीय बैठक में रणनीति को अंतिम रूप देते हुए टारगेट किलिंग की वारदातों पर प्रभावी नियंत्रण की हिदायत दी गई है। इसके तहत व्यापक छापामारी करते हुए दक्षिणी तथा मध्य कश्मीर से एक हजार से अधिक लोगों को पुलिस ने उठाया है। इनमें से कई पर पीएसए लगाया गया है। दर्जनभर से अधिक पत्थरबाजों को रविवार प्रदेश से बाहर की जेल में भेजा गया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि टारगेट किलिंग रोकना और लोगों में दहशत के माहौल को कम करना प्राथमिकता है। 

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टारगेट किलिंग के पीछे फंडिंग की भी हो रही जांच

सूत्रों ने बताया कि टारगेट किलिंग करने वालों को एक निश्चित रकम पहुंचाई जा रही है। आशंका है कि जिस प्रकार से पत्थरबाजी के लिए फंडिंग की जाती थी उसी प्रकार टारगेट किलिंग के लिए भी पैसे दिए जा रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां फंडिंग की जांच पड़ताल में जुट गई हैं। इसमें जमात और तहरीक ए हुर्रियत के कैडर की गतिविधियों को खंगाला जा रहा है। 

घाटी में टारगेट किलिंग रोकने और लोगों में खौफ पैदा करने की साजिशों को नाकाम बनाने के लिए कई मोर्चों पर काम किया जा रहा है। इसके परिणाम जल्द ही सामने आएंगे। सीमा पार के सांप्रदायिक सद्भाव तथा भाईचारे के माहौल को बिगाड़ने के नापाक मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। 
-दिलबाग सिंह, डीजीपी, जम्मू-कश्मीर
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