पूर्व विधायक बशारत बुखारी गुलाम नबी आजाद की पार्टी डीपीएपी के साथ जुड़ सकते हैं। सूत्रों के अनुसार बुखारी और आजाद के बीच पिछले कई महीनों से बातचीत चल रही है। एक सप्ताह के भीतर बुखारी डीपीएपी का दामन थाम सकते हैं। बशारत विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुके हैं
पार्टी सूत्रों का कहना है कि बशारत बुखारी और अन्य राजनेताओं के बीच पिछले कई महीनों से बातचीत चल रही है। बुखारी की उत्तरी कश्मीर संसदीय सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा के कारण इसमें देरी हुई है। एक बार जब वह आधिकारिक तौर पर पार्टी में शामिल हो जाएंगे, तो डीपीएपी के भीतर उनकी भविष्य की राजनीतिक भूमिका तय की जाएगी। पीडीपी, एनसी और पीसी के साथ रह चुके हैं।
सूत्र ने बताया कि बशारत और आजाद के बीच आच्छे संबंध है, जिससे पार्टी नेतृत्व से मजबूत समर्थन सुनिश्चित होता है। वह आजाद और उनके परिवार के बहुत करीब हैं। अगर आजाद उत्तरी कश्मीर संसदीय सीट के लिए अपनी उम्मीदवारी का समर्थन करते हैं, तो पार्टी के पास इसका विरोध करने का कोई कारण नहीं है।
उधर, बशारत बुखारी ने स्वीकार किया कि वह हाल ही में दिल्ली में आजाद से मिले थे। उन्होंने कहा, 'मेरी गुलाम नबी आजाद से दिल्ली में मुलाकात हुई है। हमने जम्मू-कश्मीर के बारे में कई बातों पर चर्चा की। देखते हैं आगे क्या होता है।'