जम्मू विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. चंद्रशेखर की मौत के मामले में सीबीआई जांच की मांग को लेकर शुक्रवार को छात्रों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रोफेसर चंद्रशेखर को इंसाफ दिए जाने की मांग की।
विज्ञापन
प्रदर्शन में शामिल एक छात्र ने कहा कि प्रोफेसर चंद्रशेखर की मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि संस्थानिक हत्या का मामला है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए। छात्र ने कहा, 'वह मनोविज्ञान के प्रोफेसर थे जो लोगों को समझाते थे, लोगों को अवसाद से बाहर निकालते थे, लेकिन उन्हें इतना प्रताड़ित किया गया कि वह आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो गए। इसके लिए एसआईटी गठित की जानी चाहिए या इस मामले की सीबीआई से जांच कराई जानी चाहिए।
एक अन्य छात्र ने कहा कि वह जल्द ही एचओडी बनने वाले थे। उन पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगा था, जिसकी जांच होनी चाहिए। इस बात के लिए वह प्रोफेसर का पक्ष नहीं ले रहे हैं, लेकिन इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं की गई। न तो प्रोफेसर चंद्रशेखर को अपना पक्ष रखने दिया गया और न ही कमेटी में शामिल सभी लोगों को बुलाया गया। ऐसे में इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए।