दो दिन चली जद्दोजहद और प्रशासनिक अधिकारियों की कसरत के बाद आखिर तेल टैंकरों की हड़ताल आज खत्म हो गई। जम्मू और कश्मीर प्रशासन की ओर से सुरक्षा का पूरा आश्वासन मिलने के बाद घाटी में तेल ले जाने वाले टैंकर चालकों और संचालकों ने हड़ताल वापस ले ली।
इसके साथ ही घाटी में तेल की किल्लत को लेकर जताई जा रही आशंका भी खत्म हो गई। गौरतलब है कि घाटी में जम्मू से तेल ले जाने वाले टैंकरों पर हमले की घटनाएं लगातार बढ़ रही थी।
दो दिन पूर्व भी घाटी में तेल टैँकरों को निशाना बनाते हुए उनसे मारपीट की गई थी। इसके विरोध में गुस्साए टैंकर चालकों और संचालकों ने घाटी में तेल ले जाने से इंकार करते हुए हड़ताल कर दी थी।
हर ड्राइवर के पास होगा आईजी का नंबर
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन दो दिन से ही टैंकर संचालकों की मान मनौव्वल में लगा हुआ था। शुक्रवार को भी इस संबंध में जम्मू के डिवीजन कमिश्नर के ऑफिस में बैठक हुई।
जिसमें कमिश्नर, डीसी, एडीसी, आईजी, एसएसपी और जेएंडके आयल टैंकर आनर एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से टैंकर चालकों की पूरी सुरक्षा का आश्वासन दिया गया।
निर्णय हुआ कि घाटी में तेल ले जाने वाले टैंकर चालकों को पूरी सुरक्षा दी जाएगी और इसके अलावा श्रीनगर के आईजी का फोन नंबर हर टैंकर चालक के पास होगा।
घायल ड्राइवरों को दिए गए 15-15 हजार
जरूरत पड़ने पर वो तुरंत उन्हें फोन कर सुरक्षा की मांग कर सकता है। इस संबंध में टैंकर एसोसिएशन के पदाधिकारियों की आईजी कश्मीर से फोन पर बात भी करवाई गई।
जिससे संतुष्ट होने के बाद एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने हड़ताल वापस लेने की घोषणा कर दी। टैंकर एसोसिएशन के अध्यक्ष अनान शर्मा ने बताया कि पुलिस-प्रशासन से सुरक्षा का आश्वासन मिलने के बाद ही हड़ताल वापस ली गई है।
अगर दोबारा इस तरह की दिक्कत हुई तो फिर जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। वहीं उन्होंने बताया कि घाटी में हमले में घायल हुए दोनों ड्राइवरों को दस-दस हजार रुपये की मदद की गई है। इसके अलावा प्रशासन ने भी रेडक्रास की तरफ से 15-15 हजार रुपये की मदद दी है।