सड़क हादसों और इनसे होने वाली मौतों के आंकड़ों में श्रीनगर जम्मू-कश्मीर में नंबर वन है। राज्य के ट्रैफिक पुलिस पुलिस विभाग द्वारा दर्ज सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों पर नजर डालें तो उससे लगता है कि राज्य की सड़कों पर जैसे खलबली मची हो। विभाग के उच्च अधिकारी सड़क दुर्घटनाओं को आतंकी घटनाओं से ज़्यादा घातक मानते हैं।
सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों पर नजर डालें तो श्रीनगर जिले में बाकी अन्य जिलों की तुलना में ज़्यादा सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। इस वर्ष श्रीनगर में अबतक 181 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें 18 लोगों की मौत हुई है जबकि 183 घायल हुए हैं।
दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले में 116 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें 18 की मौत जबकि 250 लोग घायल हुए हैं। बारामुला और कुलगाम जिलों में 185 सड़क दुर्घटनाएं हुई, जिनमें 40 लोग मारे गए और 297 घायल हुए। कश्मीर घाटी में वर्ष 2011 में 2325 सड़क दुर्घटनाएं हुई थी, जिनमें 365 लोगों की मौत हुई थी जबकि 3345 घायल हुए थे।
वर्ष 2012 में यह आंकड़ा बड़ा था और 2346 सड़क दुर्घटनाएं हुई थी जिनमें 368 लोगों की मौत जबकि 3555 लोग घायल हुए थे। वर्ष 2013 में 2256 सड़क दुर्घटनाएं हुई जिनमें 353 लोगों की मौत हुई जबकि 3033 घायल हुए। इस वर्ष अबतक का यह आंकड़ा 887 पहुंच गया है जिसमें 120 लोग मारे गए हैं और 1301 लोग घायल हुए हैं।
बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को लेकर ट्रैफिक विभाग के अधिकारी काफी चिंतित हैं। ट्रैफिक के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के अनुसार, सड़क दुर्घटनाएं अब आतंकी घटनाओं से ज़्यादा घातक सिद्ध हो रही हैं।
उनके अनुसार विभाग मुख्य कारणों को पता लगाने की कोशिश में लगा है, लेकिन अभी तक जो पता लग पाया वह कारण है बढ़ते वाहन और वैसी ही पुरानी सड़कें। पर विभाग इन सड़क दुर्घटनाओं में जल्द से जल्द कमी लाने के उपाय ढूंढ़ रहा है।