श्रीनगर के मास्टर प्लान को लेकर बुधवार को सदन में राज्य सरकार को विपक्ष से कहीं ज्यादा अपने ही लोगों द्वारा घेरा गया। इसके बाद उपमुख्यमंत्री ने मास्टर प्लान को जनता की राय के लिए सार्वजनिक करने करने का भरोसा दिलाया। तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ।
प्रश्नकाल में अशरफ मीर ने श्रीनगर के प्रस्तावित मास्टर प्लान की स्थिति व इसमें शामिल एजेंसियों के बारे में सवाल पूछा था। उन्होंने आरोप लगाया कि मास्टर प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी योग्य लोगों को नहीं दी गई है। उन्होंने एक पुरानी कंसल्टेंट कमेटी का जिक्त्रस् करते हुए कहा कि उसे हटाया गया और बाद में कुछ और लेागों को लाया गया है।
हमारी कोई राय नहीं ली जा रही है न ही हमसे कुछ पूछा जा रहा है। आवास एवं शहरी विकास राज्यमंत्री आसिया नक्काश जब सवालों का जवाब देने लगीं तो सीपीआई (एम) के विधायक मोहम्मद युसूफ तारीगामी ने कहा कि सदन में उपमुख्यमंत्री स्वयं उपस्थित हैं तो वह क्यों जवाब नहीं देते उनके बदले और कोई क्यों जवाब दे रहा है।
इसको लेकर आसिया नक्काश गुस्से से बोली ‘मैं भी राज्य मंत्री हूं, क्या मैं इसका जवाब नहीं दे सकती?’ इस बीच उपमुख्यमंत्री डॉ निर्मल सिंह ने कहा कि श्रीनगर का मास्टर प्लान अभी तैयार नहीं हुआ है। यह अपने अंतिम चरण मे है। इसका करीब 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, 3.5 मिलियन लोग इसके दायरे में आएंगे। यह 2035 तक के लिए है।
उन्होंने पीडीपी विधायक अशरफ मीर से कहा कि आप भी इस विभाग के मंत्री रहे हैं और सब आपकी जानकारी में है। श्रीनगर के मास्टर प्लान की योजना को तैयार करने के लिए हुए विशेषज्ञों के सेमिनार में आपको भी बुलाया गया था।
उन्होंने कहा कि ‘मैं यहां सभी को यकीन दिलाता हूं कि मास्टर प्लान को जनता की राय के लिए पब्लिक डोमेन में जारी करने से पहले जनप्रतिनिधियों की राय जरुर ली जाएगी। सभी के सुझावों को लिया जाएगा। इसके बाद ही इसे सार्वजनिक किया जाएगा।’