रमजान के पवित्र महीने में चीनी की किल्लत को लेकर बुधवार को विपक्ष ने सदन में हंगामा किया। विपक्ष का आरोप था कि कश्मीर में चीनी उपलब्ध नहीं है।
नेशनल कांफ्रेंस के विधायक अब्दुल मजीद लारमी ने सीएपीडी मंत्री चौधरी जुल्फिकार से विधानसभा क्षेत्र वार चीनी की उपलब्धता की ब्रेक-अप रिपोर्ट मांगी। जवाब में मंत्री ने कहा कि उन्होंने मंगलवार को इस संबंध सूचना जारी की थी, पर, एक स्थानीय अखबार ने गलत जानकारी प्रकाशित की है।
चौधरी जुल्फिकार की बात को बीच में ही टोकते हुए नेकां के विधायक अली मोहम्मद सागर ने कहा कि वे गलत बयानी कर रहे हैं। कश्मीर में चीनी उपलब्ध ही नहीं है। उन्होंने मंत्री से गलत जानकारी देने के लिए माफी मांगने को कहा। सागर के समर्थन में विपक्ष के कई सदस्य एक साथ बोलने लगे और सदन में हंगामा मच गया।
विपक्ष का आरोप था कि जम्मू के लिए 6600 क्विंटल चीनी उपलब्ध है जबकि कश्मीर के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया है। चौधरी जुल्फिकार ने कहा कि किसी क्षेत्र को विशेष कोटा नहीं दिया गया है। जहां जितनी चीनी उपलब्ध थी उतनी दे दी गई। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विधायक लारमी वेल में आ गए और ब्रेक-अप की मांग की।
उन्होंने कहा कि एक स्टेटमेंट जारी किया जाए कि किस विधानसभा क्षेत्र में कितनी चीनी उपलब्ध कराई गई है। लारमी के वेल में आने के बाद भाजपा और नेकां के विधायकों के बीच नोकझोंक हुई। इस बीच, लारमी और अल्ताफ अहमद कल्लू ने भाजपा विधायकों से कहा यह गुंडागर्दी नहीं चलेगी।
इसके बाद भाजपा विधायक आक्रोशित हो गए और कहा कि कश्मीर सिर्फ उनका नहीं है। हंगामा होता देख भाजपा के चौधरी लाल सिंह ने हस्तक्षेप करने की कोशिश की लेकिन विपक्षी सदस्य नहीं माने और काफी देर तक हंगामा जारी रहा।