श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रमेश कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को हुई बैठक में श्री माता वैष्णो देवी तीर्थ यात्रा के लिए आपदा प्रबंधन की तैयारियों के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई। मुख्य अधिकारी ने आपदा प्रबंधन योजना के विभिन्न घटनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। विशेष रूप से आग की घटना, भूकंप, भूस्खलन या कोई अन्य आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कहा गया। उन्होंने जोर दिया कि मॉक ड्रिल नियमित अंतराल पर की जाए, ताकि श्राइन बोर्ड के आपदा प्रबंधन दल और अन्य आपदा की स्थिति का तुरंत जवाब दिया जाए।
उन्होंने कहा कि अग्नि सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने के लिए ट्रैक और श्राइन क्षेत्र का फायर ऑडिट करने के लिए अग्निशमन और आपातकालीन सेवा विभाग से संपर्क किया जाएगा। उन्होंने आपदा तैयारियों के लिए तैयार किए गए एसओपी का पालन करने की आवश्यकता पर भी ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और बढ़ाने के लिए श्राइन बोर्ड द्वारा ट्रैक सहित भवन क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर स्थापित आपदा प्रबंधन स्टोरों का व्यापक इन्वेंट्री ऑडिट किया जाएगा और जहां भी आवश्यकता होगी।
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इन स्टोरों का नवीनतम गैजेटरी और उपकरणों को जोड़कर और मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि जब कोविड-19 की महामारी की स्थिति सामान्य हो जाती है तो श्राइन बोर्ड के कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन डोमेन विशिष्ट विशेषज्ञ एजेंसियों द्वारा करवाया जाएगा। गौरतलब है कि आपदा प्रबंधन की तैयारियों में निरंतर प्रयास के तहत श्राइन बोर्ड समय-समय पर आपदा स्थितियों की तैयारी और प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं में अपने कर्मचारियों को निरंतर आधार पर प्रशिक्षण प्रदान करता रहा है।
वहीं बैठक में भवन, अर्धकुवारी और कटड़ा में संयुक्त नियंत्रण कक्षों के कामकाज और आपदा प्रबंधन योजना के विभिन्न घटनाओं की भी समीक्षा की गई। बैठक में भाग लेने वालों में श्राइन बोर्ड के अतिरिक्त सीईओ श्री विवेक वर्मा, डॉ. सुनील शर्मा, डॉ. जगदीश मेहरा, श्री दीपक दुबे और श्री विश्वजीत सिंह, उप सीईओ, इसके अलावा अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा, स्टेशन भवन और स्टेशन कटड़ा के अधिकारी मौजूद रहे।