वहीं, शिवसेना डोगरा फ्रंट ने आतंकवाद के खिलाफ जम्मू में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने गुपकार गठबंधन को गुपकार गैंग करार देते हुए उनके खिलाफ नारेबाजी की। फ्रंट के अध्यक्ष अशोक गुप्ता ने कहा कि कश्मीर में लगातार टारगेट किलिंग हो रही है। जनवरी से मई महीने तक 16 निर्दोष लोगों की हत्या की गई। साथ ही पांच महीने में 90 से करीब आतंकियों को खात्मा कर दिया गया है। लेकिन, टारगेट किलिंग नहीं रुक रही हैं। सरकार को चाहिए कि आतंक के खिलाफ ठोस नीति अपनाई जाए।
उन्होंने कहा कि रजनी बाला बच्चों को शिक्षा दे रही थी। क्या बच्चों को शिक्षा देना गलत है। उन्होंने कहा कि अमरीन भट तो एक कलाकार थी। रंजीत सिंह, राहुल भट कितने नाम लिए जाएं। यह हत्याएं कब रुकेंगी। साथ ही गुपकार गठबंधन की सोच को पाकिस्तानी बताया और उनकी गिरफ्तारी की मांग की।
मंगलवार को श्रीनगर में कश्मीरी पंडित प्रदर्शन के दौरान
- फोटो : बासित जरगर
उधर, कश्मीर में मंगलवार को जम्मू-श्रीनगर हाईवे को अनंतनाग के वेसू इलाके में बंद किया। बटवारा में भी रास्ता जाम किया गया। इंदिरानगर में भी पंडित समुदाय के लोग सड़क पर उतरे तथा आवाज बुलंद की।कश्मीरी पंडितों का कहना था कि अगर 24 घंटे में सरकार ने कोई ठोस फैसला नहीं लिया तो वे घाटी से सामूहिक पलायन करेंगे। वहीं, घाटी में डोगरा व अन्य अल्पसंख्यक कर्मचारियों ने भी मंगलवार को सरकार के विरोध में अपनी नाराजगी जताई है और सुरक्षा दिए जाने या सुरक्षित स्थानों पर ट्रांसफर किए जाने की मांग की है।