राज्य के विशेष दर्जे पर एक बार सियासत गरमाएगी। 25 मई से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को लेकर हंगामा होना तय है। विपक्षी नेशनल कांफ्रेंस तथा कांग्रेस के साथ ही अन्य भी इस मुद्दे पर लामबंद हैं। दोनों ही इस मुद्दे पर हमलावर रहेगी। इनका आरोप है कि पीडीपी-भाजपा सरकार राज्य के संवैधानिक स्वरूप से छेड़छाड़ का प्रयास कर रही है।
सूत्रों का कहना है कि घाटी के कुछ विधायकों ने इस मुद्दे पर विधानसभा सचिवालय को प्रस्ताव भी सौंपा है। इसमें इस बात का जिक्र किया गया है कि राज्य के विशेष दर्जे से छेड़छाड़ की जा रही है। सैनिक कालोनी के नाम पर बाहर के लोगों को बसाने की कोशिश की जा रही है।
इसके साथ ही यह भी प्रयास किए जा रहे हैं कि राज्य की भौगोलिक स्थिति में बदलाव आए। सूत्रों ने बताया कि विधानसभा सचिवालय ने इस प्रस्ताव का परीक्षण शुरू कर दिया है। इसे विधानसभा में प्रस्तुत करने की अनुमति दी जाएगी या नहीं, यह देखा जा रहा है।
उधर, नेकां और कांग्रेस का कहना है कि इस मुद्दे पर सदन में सरकार से जवाब मांगा जाएगा। यह स्पष्ट आश्वासन देने को कहा जाएगा कि किसी भी प्रकार से राज्य की संवैधानिक स्थिति से खिलवाड़ नहीं किया जाए।
ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सैनिक कालोनी के मुद्दे पर कहा था कि यह प्रयास पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के कार्यकाल में ही शुरू किया गया था। इससे नेकां खफा है और वह इस मुद्दे पर सरकार को घेरेगी।