फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Reservation in J&K: भाजपा का पहाड़ियों को आरक्षण के रास्ते लोकसभा की एक और सीट पर कब्जे का दांव

Thu, 27 Jul 2023 04:54 PM IST
kumar गुलशन कुमार डॉ. बृजेश कुमार सिंह, जम्मू

सार

भाजपा के पास प्रदेश में अब तक दो लोकसभा सीटें हैं, जबकि नेशनल कांफ्रेंस के पास तीन हैं। कश्मीर की तीन सीटों पर क्षेत्रीय दलों का ही पिछले कुछ चुनाव से कब्जा होता आया है। अब इसमें बदलाव हो सकता है। पढ़ें ये खास रिपोर्ट...
 
विज्ञापन
JAMMU KASHMIR - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पहाड़ियों को आरक्षण के रास्ते भाजपा ने जम्मू कश्मीर में एक और लोकसभा सीट पर कब्जा करने का दांव चला है। अब तक भाजपा के पास दो सीटें हैं जबकि नेशनल कांफ्रेंस के पास तीन। कश्मीर की तीन सीटों पर क्षेत्रीय दलों का ही पिछले कुछ चुनाव से कब्जा होता आया है। 
विज्ञापन


परिसीमन में स्थितियां बदल गई हैं। कश्मीर की अनंतनाग सीट में जम्मू संभाग की सात विधानसभा सीटों को शामिल किया गया है। राजोरी व पुंछ जिलों की यह सीटें पहाड़ी बहुल हैं। हालांकि, पहाड़ियों को आरक्षण से जम्मू कश्मीर की कम से कम 12 विधानसभा सीटों पर असर पड़ने की उम्मीद है। आरक्षण के इस दांव   से भाजपा क्षेत्रीय दलों नेकां तथा पीडीपी को भी झटका देने की कोशिश में है। 

ये भी पढ़ें- J-K Panchayat Election: अक्तूबर-नवंबर में पंचायत चुनाव की तैयारी, 4191 पंचायतों में चुने जाने हैं पंच-सरपंच
विज्ञापन


पहाड़ियों का एलओसी से सटे चार जिलों राजोरी, पुंछ, बारामुला व कुपवाड़ा में प्रभाव है। इन चार जिलों में पहाड़ियों के प्रभाव वाले विधानसभा की 12 सीटें हैं। वर्तमान परिसीमन में दक्षिण कश्मीर की अनंतनाग सीट में कश्मीर से 11 और जम्मू संभाग की सात सीटें हैं। राजोरी-पुंछ जिले की सात व अनंतनाग की कोकरनाग सीटों पर पहाड़ियों का वर्चस्व है। 

भाजपा से जुड़े रणनीतिकारों का मानना है कि इन आठ सीटों के जरिये कश्मीर आधारित पार्टियों के लिए राजोरी-अनंतनाग सीट जीतने की राह में मुश्किलें खड़ी की जा सकती हैं। साथ ही अनंतनाग सीट पर कश्मीर केंद्रित दलों के बीच मतों के विभाजन से जीत की राह भी आसान बनाई जा सकती है। पहाड़ियों के नेता तथा भाजपा के पूर्व एमएलसी विबोध गुप्ता का कहना है कि एलओसी से लगे चार जिलों की 12 सीटों पर पहाड़ियों का वर्चस्व है।
Trending Videos

विधानसभा चुनाव में तो इन सीटों पर बेहतर प्रदर्शन होगा ही, साथ ही लोकसभा चुनाव में भी पार्टी अच्छी स्थिति में रहेगी। पहली बार भाजपा ने पहाड़ी मुस्लिमों को भी आरक्षण दिया है। अनुसूचित जनजाति के लिए   विधानसभा की नौ सीटें राजोरी, बुद्धल व थन्नामंडी (सभी राजोरी), सूरनकोट व मेंढर (सभी पुंछ), गुलाबगढ़ (रियासी), गुरेज (बांदीपोरा), कंगन (गांदरबल), कोकरनाग (अनंतनाग) शामिल हैं। 

ये भी पढ़ें- बड़ा बदलाव: जम्मू-कश्मीर में पहाड़ी समेत चार समुदायों को मिलेगा एसटी आरक्षण का लाभ, ओबीसी का रास्ता हुआ साफ

जिसने दर्जा दिलाया उसके साथ रहेंगे खड़ा

पहाड़ियों को आरक्षण के मुद्दे पर डॉ. फारूक अब्दुल्ला से विवाद के बाद नेशनल कांफ्रेंस छोड़ने वाले पूर्व मंत्री मुश्ताक बुखारी का कहना है कि जिसने हमें अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिलाया है, हम उसके साथ खड़े रहेंगे। हमारा यह फर्ज बनता है कि हम उस पार्टी को मजबूत करें जिसने हमें पिछले 40 साल से चल रही लड़ाई का सुखद परिणाम दिलाया है। हम इस जीत का जोरदार तरीके से जश्न मनाएंगे। उम्मीद है आने वाले दिनों में पहाड़ी बहुल क्षेत्र में राजनीति की दिशा भी बदलेगी। ज्ञात हो कि नेकां छोड़ने के बाद मुश्ताक किसी पार्टी में शामिल नहीं हुए हैं। मंगलवार को दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह के साथ पहाड़ियों की हुई बैठक का भी वे हिस्सा थे। 

अनंतनाग-राजोरी सीट में यह विस सीटें

शोपियां जिले की जैनापोरा, कुलगाम जिले की डीएच पोरा, कुलगाम व देवसर, अनंतनाग जिले की डोरू, कोकरनाग, अनंतनाग पश्चिम, अनंतनाग, श्रीगुफवाड़ा-बिजबिहाड़ा, शांगस-अनंतनाग पूर्व व पहलगाम, राजोरी जिले की नौशेरा, राजोरी, बुधल व थन्नामंडी और पुंछ जिले की सूरनकोट, पुंछ-हवेली व मेंढर शामिल है।

ये भी पढ़ें- मानसून सत्र: जम्मू कश्मीर में राजनीतिक-सामाजिक बदलाव की ओर केंद्र, चार विधेयक पेश, इन्हें मिलेगा ST का दर्जा
 
विज्ञापन

राजोरी के पहाड़ी समुदाय में खुशी की लहर 

तमाम विरोध के बावजूद भी केंद्र सरकार ने अनुसूचित जनजाति आदेश संशोधन विधेयक 2023 को पारित कर दिया है। इसके तहत अब पहाड़ी समुदाय को अनुसूचित जनजाति दर्जा मिल गया है। जम्मू, राजोेरी, पुंछ, बारामूला और कुपवाड़ा में पहाड़ी समुदाय के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं। बुधवार को जैसे ही लोक सभा में अनुसूचित जनजाति संशोधन विधेयक पास हुआ राजोरी के पहाड़ी समुदाय में खुशी की लहर दौड़ गई। पहाड़ियों को एसटी दर्जा देने की मांग को लेकर कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुआ दरहाल से पहाड़ी नेता मोहम्मद इवबाल मालिक ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ग्रह मंत्री अमित शाह के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि भाजपा जो कहती है वो करती है।

भाजपा ने जम्मू कश्मीर के पहाड़ियों को उनका वो अधिकार दिया है, जो इससे पहले कोई सरकार नहीं दे पाई। केंद्र की मोदी सरकार ने पहाड़ियों को एसटी का दर्जा देने का रास्ता साफ कर जम्मू कश्मीर में भाजपा की सरकार बनाने की नींव रख दी है और अब सरकार बन कर रहेगी। वहीं थन्नामंडी पहाड़ी नेता एवं डीडीसी सदस्य कयूम मीर ने पहाड़ियों को आरक्षण देने का बिल पास होने की बधाई केंद्र की मोदी सरकार को देते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर की पिछड़े पहाड़ियों को 4 दशक बाद न्याय मिला है।

पिछले 4 दशकों से एसटी दर्जे की मांग कर रहे अमन पसंद पहाड़ियों ने सदा देश के संविधान पर अटूट भरोसा जताया है और आज उसी महान संविधान ने पहाड़ियों के सपने का साकार किया है। वहीं बुद्धल से युवा पहाड़ी नेता मंज़ूर अहमद नाइक ने कहा कि पहाड़ियों को एसटी दर्जे की लंबी लड़ाई पिछले 4   दशकों से लड़ी है और अब उनका सपना साकार हुआ है, जिससे जेकेयूटी के   लाखों पहाड़ी मोदी सरकार के आभारी हैं। वहीं एसटी दर्जे की लड़ाई लड़ने के लिए एक आंदोलन चलाने वाले पहाड़ी पीपल मूवमेंट के संस्थापक शाहबाज खान ने   बिल पास होने पर भाजपा सरकार के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि उनकी लड़ाई से आज पहाड़ियों को वो अधिकार मिला है जिसके लिए वो 4 दशकों से संघर्ष करते आ रहे हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें