जम्मू में कारगिल विजय दिवस के मौके पर शहीदों को श्रद्धांजलि देते लोग
- फोटो : अमर उजाला
कारगिल के वीरों के साहस, देश और कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता और बलिदान को नमन किया। रंगोली भी देश के प्रति सैनिकों की प्रतिबद्धता को बयां करती दिखी। तिरंगे के रंगों पर आधारित रंगोली के चारों तरफ मोमबत्तियां लगाई गई। महाराजा हरि सिंह प्रतिमा स्थल मोमबत्ती की रोशनी से जगमगा रहा था। हर कोई इस पल को मोबाइल में कैद कर रहा था। प्रबुद्ध नागरिक, समाजसेवी, धर्मगुरु, छात्र संगठनों के सदस्यों ने भारत माता की जय के साथ अमर रहे शहीद का जयघोष किया।
जम्मू में कारगिल विजय दिवस के मौके पर शहीदों को श्रद्धांजलि देते मेयर समेत अन्य
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अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही शिवानी चाढ़क, शिल्पा चाढ़क, अरुण चाढ़क पर भी देशभक्ति का रंग चढ़ा। यहां पूर्व मेयर चंद्र मोहन गुप्ता, स्वामी हृदयानंद गिरी, पार्षद अमित गुप्ता, सुमित रैना, एसओएस इंटरनेशनल के अध्यक्ष राजीव चुनी, आरआरएस के क्षेत्र व्यवस्था प्रमुख पुरुषोत्तम दिच्ची, एएसएल ट्यूटोरियल के अध्यक्ष अशोक गुप्ता, नॉर्दर्न रेलवे मेन्स यूनियन के मीडिया इंचार्ज प्रकाश चंद्र, बीडीसी भलवाल कुलदीप राज मौजूद रहे।
जम्मू में कारगिल विजय दिवस के मौके पर शहीदों को श्रद्धांजलि देते लोग
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इसके अलावा बीडीसी मढ़ सुरिंदर कुमार, बीडीसी नगरोटा रहमत अली, डीडीसी सदस्य ढंसाल शमीमा बेगम, पूर्व सरपंच राजरूप सिंह चिब, राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना भाईचारा कमेटी के जोगिंदर संगम, करणी सेना प्रवक्ता होशियार सिंह चिब, महामंत्री सिकंदर सिंह मन्हास, चंद्र भारद्वाज, नीतीश संगम, प्रशांत, नितिन, बंटी, अमित सिंह, सनी सिंह, शुभम मेहरा, संजय सिंह, कर्ण सिंह, एबीवीपी और एनएसयूआई के कार्यकर्ता सहित महंत रोहित शास्त्री मौजूद रहे।
जम्मू में कारगिल विजय दिवस के मौके पर शहीदों को श्रद्धांजलि देते लोग
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झुक नहीं सकते ये देश के दीवाने
हर समय सीमा पर सीना ताने झुक नहीं सकते ये देश के दीवाने। इस देश को मां का दर्जा मिलता हर फूल इस वतन में उनके चरणों में खिलता है, कई ने दी है कुर्बानी, क्योंकि ये धरती थी उनको प्यारी, हर दिन सरहदों पर जो जान गंवाया करते हैं तक जाकर देश को आराम से सुलाया करते हैं... यह कविता सुनकर कार्यक्रम स्थल जोश के साथ लबरेज हो गया। हेल्पिंग हैंड के सदस्यों ने शहादत को नमन करने के साथ रंगोली भी बनाई।
जम्मू में कारगिल विजय दिवस के मौके पर शहीदों को श्रद्धांजलि देते लोग
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शूरवीर के परिवार सदस्य ने कहा- आंखें नम, पर सीना गर्व से चौड़ा
कारगिल युद्ध में दुश्मन से लोहा लेते हुए वीरगति को प्राप्त हुए ग्रेनेडियर उदयमान सिंह की बड़ी बहन वंदन लंगेह ने कहा कि शहीदों के लिए हर किसी के दिल में सम्मान है, लेकिन जो पीड़ा उस परिवार की होती है उसे कोई नहीं समझ सकता। ऐसे आयोजन में दर्द छलकता है। जैसे बाकी वीर सैनिक घर लौटे थे काश भाई भी आ जाता। शहीद उदयमान सिंह के जीजा राजेश सिंह ने कहा कि अमर उजाला का कार्यक्रम काफी सराहनीय है। युवा पीढ़ी को इतिहास से रूबरू करवाने के लिए ऐसे प्रयास होने चाहिए। उदयमान वीर था। आंखें नम हैं, लेकिन छाती गर्व से चौड़ी है।
जम्मू में कारगिल विजय दिवस के मौके पर शहीदों को श्रद्धांजलि देते लोग
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स्वतंत्र भारत के सभी देशवासियों के लिए महत्वपूर्ण दिवस है। भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच 1999 में कारगिल युद्ध 60 दिन तक चला। 26 जुलाई को विजय हुई। कैंडल जलाकर शहीदों को याद किया गया। - राजेंद्र शर्मा, मेयर
शहीदों को याद करना सौभाग्यशाली क्षण था। कैंडल जलाकर सभी ने विजय दिवस मनाया। -चंद्र मोहन गुप्ता, पूर्व मेयर
कारगिल के शहीदों को देश का नमन है। हर भारतीय शहीदों का कर्जदार है। देश की शान के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले हमारे सच्चे हीरो हैं। कारगिल जैसे युद्ध देश की आंखें नम तो करते हैं, लेकिन मान करने का भी अहसास दिलाते हैं। शहीद हमेशा अमर रहेंगे। -स्वामी हृदयानंद गिरी