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J&K: राजस्थान के CM भजन लाल शर्मा का जम्मू कश्मीर से भी रहा है नाता, कश्मीर पंडितों के हकों के लिए गए थे जेल

Fri, 15 Dec 2023 06:02 PM IST
kumar गुलशन कुमार पीटीआई, जम्मू कश्मीर

सार

भजन लाल शर्मा का जम्मू कश्मीर से भी नाता रहा है। 1990 में भजन लाल शर्मा ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) जुड़े थे। कश्मीर में बिगड़े हालातों के दौरान एबीवीपी के विरोध प्रदर्शन में उन्होंने सक्रिय रूप से भाग लिया।
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पीएम मोदी से मिलते हुए राजस्थान के नए सीएम भजन लाल शर्मा - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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राजस्थान के नए मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने शुक्रवार को शपथ ग्रहण करने के बाद कार्यभार संभाल लिया। भजन लाल शर्मा का जम्मू कश्मीर से भी नाता रहा है। 1990 में भजन लाल शर्मा ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) जुड़े थे। कश्मीर में बिगड़े हालातों के दौरान एबीवीपी के विरोध प्रदर्शन में उन्होंने सक्रिय रूप से भाग लिया।

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उस दौरान कश्मीरी पंडितों पर हमलों के विरोध में देशभर से हजारों छात्र श्रीनगर की ओर मार्च करने के लिए जम्मू पुहंचे। जम्मू से बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों का मार्च श्रीनगर के लिए रवाना हुआ। घाटी के लिए बढ़ रहे इस मार्च को तब पुलिस ने जिला उधमपुर में रोक दिया। उधमपुर में कई प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारियां हुईं। इनमें भजन लाल शर्मा भी शामिल रहे।

भरतपुर जिले की नदबई तहसील के अटारी गांव के मूल निवासी शर्मा कॉलेज के समय से ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ गए थे। बाद में वह सक्रिय राजनीति में आए। हालांकि शर्मा चुनावी राजनीति में आरंभिक दौर में बहुत सफल नहीं रहे। शुरुआती दौर में वह एक बार सरपंच का चुनाव हारे। हालांकि 2000 में वह अपने गांव अटारी के सरपंच चुने गए। राजनीति शास्त्र से स्नातकोत्तर करने वाले भजनलाल शर्मा 2009 में भरतपुर जिला भाजपा के अध्यक्ष बने। 2014 में पहले भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और 2016 से अब तक महामंत्री पद का जिम्मा संभाल रहे हैं।
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भाजपा में एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में अपना राजनीतिक जीवन शुरू करने वाले भजनलाल शर्मा अपने 55वें जन्मदिन पर राजस्थान के 14वें मुख्यमंत्री बन गए। राजस्थान में इस सप्ताह की शुरुआत में विधायक दल की बैठक से पहले राज्य भाजपा कार्यालय में ली गई एक समूह तस्वीर में भजन लाल शर्मा को सबसे आखिरी पंक्ति में दिखाया गया था। लेकिन, लगभग एक घंटे बाद भाजपा द्वारा उन्हें राजस्थान विधायक दल का नेता चुना गया है और वह देखते ही देखते राजस्थान की सुर्खियों में सबसे प्रमुख नाम बन गए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में जयपुर के ऐतिहासिक अल्बर्ट हॉल पर लाखों लोगों के बीच राज्यपाल कलराज मिश्र ने भजनलाल शर्मा को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। भजनलाल शर्मा के साथ उनके दो उप-मुख्यमंत्री दीया कुमारी और डॉ प्रेमचंद बैरवा ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली। इसके साथ ही राजस्थान की राजनीति में पिछले 25 वर्ष से चला आ रहा अशोक गहलोत और वसुंधरा राजे के मुख्यमंत्री बनने का युग समाप्त हो गया। राजस्थान के राजनीति एक नई पीढ़ी में प्रवेश करती नजर आ रही है।

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