सांबा। मंगलवार रात से जारी बारिश से नदी नालों में बाढ़ का प्रकोप बना रहा। जिले के मनानु गांव के लोगों को बाढ़ के पानी से परेशानी बनी रही। सांबा सुंब मार्ग पर दो वाहन बाढ़ के पानी में फंस गए, जिन्हें बाद में बाहर निकाला गया। किसी जानी नुकसान की सूचना नहीं है।
बाढ़ के पानी से प्रभावित ग्रामीणों को सरकारी इमारत में रखा गया है। मनानु गांव की एससी बस्ती के ग्रामीणों को प्रत्येक बरसात में बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस जाता है, जिला प्रशासन की ओर से भी कोई उचित व्यवस्था नहीं की जाती है। इसके चलते ग्रामीणों को बाढ़ के पानी से काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। बीती रात हुई मूसलाधार बारिश से मनानु गांव के ग्रामीण मोहन लाल, सुखदेव, बबलु, आशोक, तीरथ, बिशन दास के घरों में पानी घुसने से उन का सारा घरेलू सामान नष्ट हो गया। उन्होंने बताया कि इस बारे में पहले भी कई बार जिला प्रशासन को अवगत कराया गया है कि उनकी सुध ली जाए, प्रत्येक बरसात में उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ता है, लेकिन प्रशासन की ओर से उनकी एक नहीं सुनी गई है। इसका खामियाजा वह लोग भुगत रहे हैं। ग्रहणी अंजना देवी, सुमन देवी ने बताया कि उनके रसोई का सारा सामान ही नष्ट हो गया है। राशन तक भीग चुका है। उन्हें खाना बनाने के लिए भी परेशानी बनी हुई है।
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कई बार जिला प्रशासन को अवगत कराया है कि नाले में जमा हुई सिल्ट के कारण नाला बंद हो चुका है। उसको उठाया जाए, इस बारे में बाढ़ नियंत्रण विभाग को भी क ई बार अवगत कराया गया है, लेकिन कोई उचित कदम नहीं उठाया गया है।
-सुनील चौधरी, सरपंच पंचायत मनानु
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जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारी भी बाढ़ से प्रभावित लोगों से मिले हैं। डीसी अनुराधा गुप्ता ने एक योजना बनाई है। लोगों के लिए बही नाले के साथ प्रोटेक्शन बांध भी बनाया जाएगा। एसडीआरएफ की तरफ से नुकसान का मुआवजा दिलाया दिया जाएगा।
-जितेंद्र मिश्रा
बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त, नालों का जलस्तर भी बढ़ना शुरू
अरनिया। मंगलवार देर रात से हो रही बारिश बुधवार को भी जारी रही। बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त रहने से नालों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी होना जारी रही। मंगलवार देर रात को झमाझम बारिश शुरू हो गई, जिससे खेतों में जलभराव के साथ-साथ क्षेत्र होकर गुजरने वाले नालों का जलस्तर भी बढ़ना शुरू हो गया।
बुधवार को भी पूरा दिन बारिश से जनजीवन भी अस्त व्यस्त रहा। लोगों को जरूरी कार्यों के लिए घर से बाहर निकलने के लिए छातों का इस्तेमाल करना पड़ा। इस सीजन की पहली बरसात से कहीं खुशी कहीं गम देखा गया। कृषि प्रधान क्षेत्र होने से जो किसान तीन चार हफ़्ते से धान रोपाई पूरी कर चुके हैं, उनको भूमि कटाव का भय लगा हुआ है। जो किसान दो तीन हफ़्ते से ऐसी ही किसी झमाझम बारिश के इंतजार में आंखें बिछाए बैठे थे, उनके चेहरों पर खुशी साफ झलक रही है। देर शाम खबर लिखे जाने तक हल्की बूंदाबांदी जारी थी।
मूसलाधार बारिश के बाद मौसम सुहाना हो गया
विजयपुर। क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के बाद मौसम सुहाना हो गया। इस बारिश से किसान वर्ग भी काफी खुश नजर आ रहा है। क्योंकि इस समय धान की रोपाई चल रही है। पानी की बहुत जरूरत थी। बारिश के बाद किसानों ने इंद्र देवता का भी शुक्रिया अदा किया। बारिश के बाद मौसम ने करवट बदली और लोगों ने गर्मी से राहत पाई। कुछ दिन से गर्मी और उमस के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया था। संवाद
मूसलाधार बारिश से कई क्षेत्र जलमग्न
अखनूर। तीन दिन से सीमावर्ती क्षेत्र में मूसलाधार बारिश से कई क्षेत्र जलमग्न हो गए हैं। सामान्य जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। लोगों को कई परेशानियों का समाना करना पड़ा।
मूसलाधार बारिश से कस्बे के कामेश्वर मंदिर के पास में खड्ड में पानी आने से वाहनों की आवाजाही कुछ समय के लिए बंद रही। वहीं गांव समहां, पलवां, मेंदरिया सहित अन्य क्षेत्र में भी बारिश का पानी आने पर यातायात कुछ समय के लिए अवरुद्ध रहा। बाजारों में लोगों की आवाजाही कम रही। लोगों का कहना है कि बरसात की पहले मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। क्षेत्र की कई खड्ड और नाले में पानी आ गया। लोगों को आवाजाही करने में परेशानियों का सामना करना पड़ा। संवाद
रुक-रुक कर होती रही बारिश, छाए रहे बादल
बड़ी ब्राह्मणा। क्षेत्र में लगातार तीसरे दिन भी आसमान पर बादल ही छाए रहे। बीच-बीच में रुक-रुक कर बारिश भी होती रही। बारिश का असर बाजारों में देखने को भी मिल रहा था। बाजारों से रौनक गायब थी। मौसम बिल्कुल ही बदल गया है। हल्की बारिश से मौसम सुहावना हो गया है। दूसरी ओर बाजार में आने जाने वाले लोगों ने छाते हाथों में रखे थे। क्योंकि बारिश आने और जाने का कोई समय तय नहीं हो पा रहा है, इसके चलते लोगों को अपना बंदोबस्त करके चलना पड़ रहा है। हालांकि जिस तरह से बादल आसमान में छाए हुए हैं। क्षेत्र में उतनी जोरों से बारिश नहीं हुई है, लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि बड़ी संख्या में बारिश होने के आसार हैं। संवाद
बारिश से प्रभावित लोगों तक पहुंचे प्रशासन के अधिकारी
सांबा। उपायुक्त अनुराधा गुप्ता की देखरेख में जिले में लगातार बारिश, जलजमाव और अन्य बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन के अधिकारियों को लोगों के बीच पहुंचने को कहा गया।
उपायुक्त के निर्देश पर अतिरिक्त उपायुक्त सुरम चंद शर्मा ने टीम के साथ पंचायत मनानू और आसपास के क्षेत्रों का दौरा किया। रात भर हुई बारिश के कारण उत्पन्न स्थिति का जायजा लिया। एडीसी ने टेंट, राशन, तिरपाल, बर्तन, गद्दे, प्राथमिक उपचार के रूप में तत्काल राहत जारी करते हुए कार्यपालक अभियंता बाढ़ नियंत्रण विभाग को तत्काल कई डीवाटरिंग पंप लगाने और आसपास की नदी नाले की गार निकालने का निर्देश दिया। एडीसी ने बताया कि हमने जमीनी स्तर पर स्थिति का आकलन किया है। बाढ़ के कारण प्रभावित लोगों के राहत मामलों को रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी संबंधित राजस्व अधिकारियों को जारी किए गए हैं। एडीसी ने कहा कि कार्यकारी अभियंता को क्षेत्र में कर्मचारियों और मशीनरी को तैनात करने और नदी के किनारे के संरक्षण और बहाली के लिए निदेश दिया गया है। जिला प्रशासन ने 24/7 सहायता के साथ एक आपातकालीन नियंत्रण कक्ष भी बनाया है। आपात स्थिति में 01923-246915 और 01923-241004 पर संपर्क कर सकते हैं।