अरनिया। सीमावर्ती पंचायत हल्का अला के वार्ड आठ के गांव महाशेयां दे कोठे के लोगों ने मूलभूत सुविधाएं न मिलने के विरोध में वीरवार को प्रदर्शन किया। बताया कि गांव में 25 परिवारों में 100 सदस्य हैं, इनके आने-जाने के लिए दो संपर्क रास्ते हैं, लेकिन इन्हें आज तक पक्का नहीं किया गया। आरोप लगाया कि पांच दशक से कोई प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि गांव में नहीं आया आया है। यह गांव इतना छोटा है कि चार-पांच लाख रुपये की लागत से भी विकास करवाया जा सकता, लेकिन गांव के लोग विकास के कोसों दूर हैं।
गांव के लोगों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते कहा कि ये नेता लोग सिर्फ वोट लेने के लिए आते हैं। उसके बाद सब भूल जाते हैं। गांव की टूटी गली-नालियां आज तक पक्की नहीं की गईं। सड़क कच्ची होने से कोई वाहन चालक यहां नहीं आता, उन्हें दो किलोमीटर पैदल सफर करना पड़ता है। लोगों ने डीडीसी सदस्य, बीडीसी अध्यक्ष और पंचायत के सरपंच के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने भाजपा से कुलदीप राज को मतदान किया था, जबकि पहली बार हुए डीडीसी चुनाव में भाजपा की कुमारी सुरेखा देवी को अपना वोट दिया, लेकिन किसी ने उनकी सुध नहीं ली।