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राष्ट्रीकृत बैंकों की हड़ताल से करोड़ों का लेनदेन प्रभावित

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जम्मू। एआईबीईए और एआईबीओए के बैनर तले सोमवार को देश व्यापारी स्तर पर जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीयकृत बैंक कर्मचारियों ने दो दिनी हड़ताल शुरू की। बैंकों में अधिकारी तो मौजूद रहे, लेकिन कर्मचारियों के कामकाज ठप रखने से करोड़ों रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ। पंजाब नेशनल बैंक, सर्किल कार्यालय बाहु प्लाजा जम्मू में बैंक कर्मियों ने प्रदर्शन कर नारेबाजी की। कर्मचारी बैंकों के निजीकरण सहित अन्य मुद्दों का विरोध कर रहे हैं। मंगलवार भी बैंक कर्मी हड़ताल पर रहेंगे। इस दिन पीएनबी शाखा शालामार के सामने सुबह 11 बजे प्रदर्शन किया जाएगा।
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जम्मू प्रोवियंस बैंक इंप्लाइज फेडरेशन के महासचिव अरुण कुमार गुप्ता ने कहा कि विशेष रूप से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के खिलाफ श्रम विरोधी नीतियों को अपनाया जा रहा है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को निशाना बनाया जा रहा है। बैंकों को निजीकरण से कर्मचारियों का शोषण बढ़ेगा। बैंकिंग सुधार के लिए ऋणों की वसूली सुनिश्चित की जाए। इसके साथ बकायदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। दंडात्मक शुल्क और सेवा शुल्क में वृद्धि कर ग्राहकों को परेशान न किया जाए। नौकरियों की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाया जाए।
बैंकों में भर्तियों में वृद्धि करके ओल्ड पेंशन योजना को बहाल किया जाए। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का विस्तार किया जाए। निजी हाथों में बैंकों को देकर ग्राहकों की पूंजी सुरक्षा भी खतरे में पड़ेगी। अश्विनी प्रधान महासचिव एआईबीओए (जम्मू कश्मीर) और जेपीबीई अध्यक्ष तारा सिंह ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को मजबूत करने की मांग की। हड़ताल में प्रदेश के प्रतिष्ठत जम्मू कश्मीर बैंक बाहर रहा। बैंकों में तनाव से उभरने के लिए पूंजी, मानव संसाधन और मजबूत वैधानिक ढांचे का समावेशीय विस्तार किया जाएगा। प्रदर्शन में योगेश कुमार, एबी खजूरिया, हरमिंदर सिंह, जितेंद्र कुमार, वीके दत्ता, वीके पंडिता आदि शामिल रहे।
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