जम्मू। लंबित मांगों के समर्थन में सिख समुदाय ने महाराजा हरि सिंह की प्रतिमा के पास प्रदर्शन कर आवाज बुलंद की। इस दौरान एलजी प्रशासन पर अनदेखी करने का आरोप लगाया है। वहीं, जम्मू-कश्मीर लोक सेवा आयोग में सिख समुदय को प्रतिनिधित्व, पंजाबी को आधिकारिक भाषा का दर्जा देना, प्रदेश में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का गठन करना, आनंद विवाह नियम को लागू करना सहित अन्य मांगों को जल्द पूरा करने की गुहार लगाई। सिख प्रोग्रेसिव फ्रंट के बैनर तले विभिन्न सिख संगठनों के सदस्यों ने प्रदर्शन में भाग लिया।
फ्रंट के अध्यक्ष बलविंद्र सिंह ने कहा कि सरकार का रवैया निराशाजनक है। कई आश्वासन मिलने के बावजूद मांगें पूरी नहीं हुई हैं। मांगों में समुदाय को राजनीतिक आरक्षण देना, कुंजवानी चौक पर बाबा बंदा सिंह बहादुर की प्रतिमा स्थापित करना, 1989 में हुए नरसंहार में पीड़ित परिवारों के लोगों को आर्थिक मदद देना शामिल है। जम्मू-कश्मीर में वर्तमान समय में सिख समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं है। केंद्र सरकार से एलजी के सलाहकार के रूप में सिख समुदाय के व्यक्ति की नियुक्ति की मांग की थी। सरदार मंजीत सिंह ने कहा कि सिख समुदाय से जुड़े मुद्दों की अनदेखी हो रही है। सरकार सिर्फ झूठे आश्वासन देती है।