जम्मू। जम्मू विश्वविद्यालय की अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) इकाई ने सोमवार को प्रशासनिक परिषद के फैसले के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान सेंट्रल लाइब्रेरी के प्रवेशद्वार तक रैली निकाल कर नारेबाजी की। वहीं, आरईटी शिक्षकों को नियमित करने, मास्टर ग्रेड शिक्षकों को सौ फीसदी पदोन्नति के आधार पर पदोन्नत करने की मांग उठाई है। वहीं, एससीईआरटी भर्ती अधिसूचना जारी करने का विरोध जताया है।
एबीवीपी के राज्य सचिव मुकेश मन्हास ने कहा कि ऐसे फैसले असंवैधानिक हैं, क्योंकि इससे जम्मू कश्मीर के शिक्षित युवाओं से अन्याय होता है। राज्य प्रशासनिक परिषद का निर्णय युवा विरोधी है। एसएचओडीएच जेके के संयोजक रवैल परिहार ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के छात्रों के साथ ये मजाक है। प्रदर्शन में जेयू एबीवीपी अध्यक्ष अनूप सिंह, एसडब्ल्यूसी सदस्य पलक संब्याल, जेयूएबीवीपी सचिव शिवानी राजपूत, रमेश सिंह, अनिल बिलोरिया, अभिषेक रैना, विजय कुमार और पीयूष खजूरिया आदि मौजूद रहे।
ऑनलाइन परीक्षा रद्द करने का जताया विरोध
जम्मू विश्वविद्यालय में कानून विभाग के विद्यार्थियों ने नियंत्रण परीक्षा के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान ऑनलाइन परीक्षा को रद्द करने के फैसला का विरोध किया। विद्यार्थियों ने कहा कि नियंत्रण परीक्षक का रवैये दुखद है। छात्रों के भविष्य के साथ खिलावाड़ हो रहा है। इसलिए इस मामले की जल्द सुध ली जाए।