जम्मू। धर्मार्थ ट्रस्ट के खिलाफ कर्मचारियों का प्रदर्शन शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। धर्मार्थ ट्रस्ट इंप्लाइज एसोसिएशन (डीटीईए) के बैनर तले कर्मियों ने प्रेस क्लब के बाहर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक मांगों को ट्रस्ट पूरा नहीं करता, संघर्ष जारी रखेंगे।
ट्रस्ट की विभिन्न इकाइयों श्री रघुनाथ मंदिर, हरि भवन पुरमंडल, उत्तर बेहानी, बीरपुर और केंद्रीय कार्यालय कर्ण भवन के पुजारियों सहित कर्मचारियों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इस दौरान पुजारियों ने पारंपरिक पोशाक में शंखनाद कर ट्रस्ट के कुप्रबंधन पर कड़ी नाराजगी जताई। उनकी मांग है कि वेतन को बढ़ाया जाए और बर्खास्त कर्मियों को बहाल किए जाए। आरोप है कि मांगें पूरी करने को बातचीत के लिए बैठक करने के बजाय ट्रस्ट प्रबंधन ने एसोसिएशन अध्यक्ष, महासचिव और अन्य पदाधिकारियों को निलंबित करके व्यापार संघ की गतिविधियों को खराब किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ट्रस्ट प्रबंधन का यह रवैया बेहद अनुचित है, जिससे कम वेतन में काम कर रहे कर्मचारियों में रोष है।
इस दौरान पूर्व अध्यक्ष करनैल चंद ठाकुर, पूर्व महासचिव प्रीतम शर्मा ने आरोप लगाया कि धर्मार्थ ट्रस्ट के सचिव ने ट्रस्ट के पांच कर्मचारियों को इस याचिका पर निलंबित कर दिया कि ये कर्मचारी अवांछनीय गतिविधियों में भाग लेते थे और अध्यक्ष ट्रस्टी, ट्रस्ट प्रबंधन के खिलाफ गलत टिप्पणी करते थे। कहा कि ये आरोप बेबुनियाद हैं। पदाधिकारियों ने बताया कि कर्मचारी संघ ने बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली के लिए सचिव को एक पत्र लिखा, लेकिन नौकरी बहाल नहीं की गई। इस मौके पर सुरजीत सिंह, पुरुषोत्तम शर्मा, रामपाल शर्मा, बलवंत शास्त्री, कुंदन लाल सुभाष शास्त्री, विमल खजूरिया आदि मौजूद रहे।