जम्मू। शहर में बिना मंजूरी अवैध भवन खड़े किए जा रहे हैं। अतिक्रमण पर रोक लगाने में नगर निगम विफल रहा है। लोगों का कहना है कि शिकायत के बाद ही नगर निगम की टीमें कार्रवाई के लिए पहुंचती हैं। इस मसले को जनरल हाउस में भी पार्षद कई बार उठा चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाता।
फरवरी में हुए जनरल हाउस में भी पार्षद फोटो सहित अवैध निर्माण का भंडाफोड़ कर चुके हैं। कुछेक पार्षदों ने अधिकारियों की मिलीभगत के भी आरोप लगाए हैं। उन्हें हाउस में बुलाकर कार्रवाई की मांग की जा चुकी है। इस बार 26 दिसंबर को हाउस की बैठक में भी इस मसले पर खूब गहमागहमी होने के आसार हैं।
विपक्षी पार्षद गौरव चोपड़ा, सुच्चा सिंह, प्रीत्तम सिंह ने कहा कि शहर में अवैध निर्माण किसकी शह पर हो रहे हैं। इस बारे में हर बार सवाल पूछा जाता है, लेकिन गोलमोल जवाब देकर चुप करवा दिया जाता है। जब पार्षद अपने स्तर पर अवैध निर्माण रुकवाने पर कार्रवाई करते हैं तो जवाब मिलता है कि अधिकारियों को पहले भी विश्वास में लिया है।
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तीन मंजिला भवन गिराने के लिए मशीनरी तक नहीं
तीन से चार मंजिला भवनों को गिराने के लिए नगर निगम के पास मशीनरी भी नहीं है। इसका लाभ भी लोग खूब उठा रहे हैं। पहले बिना अनुमति के घर और बाद में भवन सील होने पर कार्रवाई पूरी करवा रहे हैं। इस कारण शहर में नगर निगम के नियम हर बार टूट रहे हैं।
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नियम टूटने नहीं दिए जाएंगे। नगर निगम के जनरल हाउस में कई बार अवैध भवन निर्माण का मसला उठा है। अब सख्त कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। अवैध भवनों को गिराया जा रहा है।
पूर्णिमा शर्मा, डिप्टी मेयर, नगर निगम जम्मू।