जम्मू। किसानों के भारत बंद का असर जम्मू में भी दिखा। लखनपुर से लेकर जम्मू तक कई जगहों पर हाईवे जाम कर किसानों ने प्रदर्शन किया। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसान सरकार के तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। जम्मू के डिग्याना और कठुआ के लखनपुर में किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
डिग्याना में सुबह 11 बजे शुरू हुआ धरना शाम तीन बजे तक जारी रहा। करीब चार घंटे तक हाईवे जाम रहने से वाहन चालक और यात्री परेशान हुए। जम्मू में प्रदर्शन के चलते वाहनों को कुंजवानी और सतवारी से डायवर्ट किया गया। प्रेस क्लब के बाहर हुए किसानों के प्रदर्शन में सीपीआईएम के नेता मोहम्मद यूसुफ तारीगामी भी पहुंचे। तारीगामी ने कहा कि सरकार के किसान विरोध कानून कृषि क्षेत्र को तबाह कर देंगे, जो देश की खाद्य सुरक्षा के लिए एक खतरा हैं। कई महीने से किसान अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही।
ये कानून न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को समाप्त करने, देश की कृषि और बाजारों को कारपोरेट क्षेत्र के लिए गिरवी रखने का आधार तैयार करेंगे। कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करके किसानों की उपज का उचित मूल्य प्रदान करने का मुद्दा किसानों की लंबे समय से लंबित मांग है। एक तरफ किसानों को डीजल, पेट्रोल, कृषि उत्पाद, खाद और अन्य कृषि ढांचा महंगे दाम पर मिल रहा है और दूसरी तरफ उनकी आय भी कम की जा रही है। सरकार को चाहिए कि वह किसानों से बातचीत कर आंदोलन को समाप्त करवाए।
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कश्मीर में भी दिखा किसान आंदोलन का असर
सेंट्रल इंडियन ट्रेड यूनियन के महासचिव ओम प्रकाश ने कहा कि नव-उदारवादी नीतियों से लड़ने के लिए मजदूर-किसान एकता को मजबूत करने और किसानों व मजदूर वर्ग की आजीविका के लिए लड़ने की जरूरत है। उधर, श्रीनगर में भी किसानों ने प्रदर्शन किया है। किसान नेता अब्दुल रशीद पंडित, गुलाम कादिर, अब्दुल राशिद ने एमएसपी की मांग की है। कहा कि सरकार ने कृषि क्षेत्र को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है।
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कुंजवानी-सतवारी से डायवर्ट करना पड़ा यातायात
किसानों के प्रदर्शन से जम्मू में यातायात बुरी तरह बाधित रहा। कुंजवानी से सतवारी आने वाले वाहनों को कुंजवानी से बाईपास रोड से डायवर्ट किया गया और कुंजवानी जाने वाले वाहनों को सतवारी से वाया यूनिवर्सिटी रोड डायवर्ट किया गया।