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दर्दभरी है इन अस्थाई कर्मचारियों की दास्तां

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बिजली विभाग में अस्थायी मुलाजिमों खासतौर से सालों से विभाग में काम कर रहे नीड बेस कर्मियों को न तो वेतन मिल रहा है और न ही उनको नियमित करने के लिए कोई नीति निर्धारित हुई है। ऐसे में हजारों नीड बेस कर्मियों का भविष्य अंधकार में लटका हुआ है।
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सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विभाग में करीब 4700 नीड बेस कर्मी काम कर रहे है। इन्हें न तो वेतन मिल रहा है और न ही नियमित करने के लिए कोई नीति निर्धारित हुई है। समय समय पर आंदोलन और इसके बाद सरकारी स्तर पर मिले आश्वासनों का अभी तक जमीन पर कोई असर नहीं दिखा है।

वहीं सरकार की ओर से लंबे संघर्ष के बाद बिजली विभाग में कार्यरत डेलीवेजरों को नियमित करने की प्रक्रिया तो शुरू की थी लेकिन वह भी केवल एक सूची जारी करने तक ही सिमट कर रह गई है।
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बिजली विभाग के नीड बेस कर्मियों को वेतन के लाले

जम्मू जिले में सितंबर 1997 तक और कठुआ में मार्च 2005 तक के डेलीवेजरों को ही नियमित किया गया है। हजारों डेलीवेजरों के नियमित करने का इंतजार लंबा होता जा रहा है।

आल जेएंडके पीडीडी डेलीवेजर यूनियन के प्रधान कुलवीर सिंह का कहना है कि त्योहारी सीजन में बिजली विभाग में कार्यरत नीड बेस कर्मियों को वेतन के लाले है।

उनका कहना है कि सालों से नीड बेस कर्मियों को वेतन नहीं मिला है। इसके अलावा नियमित करने के लिए कोई नीति भी निर्धारित नहीं हो पा रही है।
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