छात्रों और जम्मू के हितों के लिए शहीद हुए चार छात्रों की याद में वीरवार को ब्लैक डे मनाया गया। जीजीएम साइंस कालेज के बाहर बने शहीदी स्मारक स्थल में विद्यार्थियों ने शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। तीन दिवसीय कार्यक्रम के तहत क्रमिक भूख हड़ताल भी शुरू की गई।
इस दौरान विभिन्न छात्र, राजनीति और सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान विद्यार्थियों ने भारत माता की जय, वंदे मातरम, हमारे शहीद अमर रहे और-जम्मू लद्दाख के साथ भेदभाव नहीं सहेंगे, के नारे लगे।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1966 में अलग विश्वविद्यालय बनाने की मांग को लेकर छात्रों ने अभियान चलाया था। इस अभियान के दौरान आंदोलन में शामिल बृज मोहन, सुभाष चंद्र, गुलशन हांडा और गुरशरण सिंह की पुलिस की गोलियां लगने से मौत हो गई थी।
विवि के लिए चार छात्रों ने दे दी थी जान
अभियान के दौरान शहीद हुए छात्रों की याद में तब से तीन दिवसीय शहीदी दिवस के तौर पर ब्लैक डे मनाया जाता है। तीन दिनों तक संभाग के सभी शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई नहीं होती है। साथ ही विभिन्न छात्र संगठनों की ओर से कालेजों और शिक्षण संस्थानों में कार्यक्रम चलाए जाते हैं।
वीरवार को मनाए शहीदी दिवस के मौके पर जम्मू ज्वाइंट स्टूडेंट फेडरेशन की ओर से भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर साइंस कालेज के प्रिंसिपल डा. नूतन के रेसूत्रा, स्टाफ सदस्यों और विद्यार्थियों ने शहीदी स्मारक स्थल पर पुष्प अर्पित किए।
शहीदी दिवस के मौके पर क्रमिक भूख हड़ताल भी शुरू की गई, जिसमें जितेंद्र चिब, विशाल टंगोत्रा, संदीप सिंह और दीपक भाऊ भूख हड़ताल पर बैठे।
दूसरों ने भी किया शहीदों को याद
इसके अलावा जीएस अकाउंट इंस्टीट्यूट में भी वीरवार को शहीदी दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर इंस्टीट्यूट के स्टाफ सदस्य और विद्यार्थियों ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
दूसरी ओर पीडीपी ने वीरवार को कच्ची छावनी स्थित कार्यालय में शहीदी दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया। इस मौके पर पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में सचिन, गौरव, विनोद, शफी, गोकुल, विशाल, अंकित, पंकज, प्रशांत और अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।