मानो या न मानो। लोकतंत्र के इस महापर्व में सवा सौ साल से ज्यादा के बुजुर्गों ने भी मतदान किया है। यूं कहे तीन सदी देखने वाले बुजुर्गों ने वोट डाल कर युवा पीढ़ी को प्रेरणा दी है।
मतदान करने पहुंचे चिनैनी विधानसभा क्षेत्र के बुजुर्ग सबरू राम ने बताया कि उनका जन्म 1890 में हुआ था। उन्होंने प्रताप सिंह और हरि सिंह की बादशाहत भी देखी है। वह अपना वोट जरूर डालते हैं।
सबरू कहते हैं कि यह उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। इसे क्यों छोड़ें। 124 वर्ष 5 माह के सबरू की चौथी पीढ़ी चल रही है। उनके पोते मदन लाल ने कहा कि उन्हें भी गर्व होता है कि उनके दादा की उम्र 124 वर्ष है।
वहीं रियासी जिले के जेडी मतदान केंद्र पर 126 वर्षीय बावा अमृतानंद सरस्वती ने भी वोट डाला। गुलाबगढ़ के मतदान केंद्र केंद्र संख्या 38 पर 110 वर्षीय लक्ष्मण सिंह और पौनी में 118 वर्षीय मतबाल सिंह ने भी लोकतंत्र के महापर्व में हिस्सा लिया। रामनगर में 105 वर्ष की कृष्णा देवी भी वोट डालने पहुंची थीं।
बारात जाने से पहले दुल्हे ने डाला वोट
मंगलवार को दूसरे चरण के मतदान के लिए जहां मतदाता लाइनों में लगकर वोट डालने जा रहे थे तो वहीं बारात जाने से पहले दुल्हे ने भी अपने मत का प्रयोग कर लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए वोट डाला जबकि घर के बाकी सदस्यों ने भी पोलिंग बूथ पर जाकर मतदान किया।
मंगलवार की सुबह आठ बजे मतदान करने की प्रक्रिया आरंभ हो गई तो वहीं पंचायत मादा के गुजाड़ निवासी सुरिंद्र सिंह जिसकी आज ही बारात जानी थी उसने अपने परिवार सहित पोलिंग स्टेशन पर पहुंच कर वोट डाला।
सुरिंद्र सिंह ने कहा उसकी बारात मंगलवार दोपहर 12 बजे रामबन रवाना होगी, लेकिन वह त्यार होकर मतदान केंद्र पहुंचा और लोकतंत्र की मजबूती के लिए अपने मत का प्रयोग किया ताकि जो भी सरकार बने क्षेत्र के विकास की गति तेज हो सके।
वहीं दुल्हे के भाई शेर सिंह ने कहा कि उनके घर के पांच वोट थे जिनका इस्तेमाल उन्होंने किया है और वह मजबूत सरकार के लिए वोट करने के बाद अब बारात के साथ जा रहे हैं।
उम्र और बीमारी की भी नहीं थी परवाह
रियासी जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्र रियासी, गुल अरनास और गुलाबगढ़ के सभी मतदान केंद्रों पर मतदान करने का गजब का उत्साह दिख रहा था। युवा हो या बुजुर्ग चाहे बीमार सब में वोट डालने का जुनून था। वोट डालने के लिए कई बुजुर्गों को कंधे पर बिठा कर मतदान केंद्र तक पहुंचाया गया।
वहीं युवा मतदाता अंशुल नरगोत्रा, स्मृति शर्मा, नंदिता भी पहली बार अपने वोट का प्रयोग कर काफी खुश थीं। सुबह से ही बूथों पर मतदाताओं की कतारें लगनी शुरू हो गई थी। दोपहर तक 60 प्रतिशत मतदान हो चुका था।
मतदान समाप्त होने के समय तक तीनों विधानसभा क्षेत्रों में 65 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग हुई। पहाड़ी क्षेत्रों में भी पहली बार मतदान का प्रतिशत इतना ज्यादा देखने को मिला। वहीं मजालता मतदान केंद्र पर बचितर राम को स्ट्रेचर पर वोट डालने के लिए लाया गया। शारीरिक रूप से मजबूर होने के बावजूद वोट डाल कर वह काफी खुश थे।