मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में सेना के जवानों और पुलिसकर्मियों के बीच टकराव में राजनीति शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री ने मारपीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटना के बारे में अधिकारियों से स्पष्टीकरण की मांग की है। अलगाववादियों ने इस घटना को उन लोगों के लिए आंखें खोलने वाली घटना बताया है जो सरकार के वफादार बनते हैं।
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जिन सेना के जवानों ने मारपीट की है उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच शुरू की गई है। जिन्होंने भी घटना को अंजाम दिया है उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने घटना की निंदा करते हुए उन जवानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जिन्होंने गुंड पुलिस स्टेशन में घुसकर पुलिस के जवानों की पिटाई की। उमर ट्वीट में लिखा, सेना ने पुलिस थाने में जम्मू-कश्मीर पुलिस कर्मियों को क्यों मारा? इसके लिए अधिकारियों द्वारा तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।