Delimitation Commission meeting (FILE)
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विधानसभा सीटों के पुनर्निर्धारण के लिए घोषित परिसीमन आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद कई जनप्रतिनिधि नाराज हैं। नेशनल कांफ्रेंस व आरएस पुरा के पूर्व विधायक डॉ. गगन भगत ने इसे भाजपा की रिपोर्ट बताया। कहा कि नई विधानसभा का गठन करने के लिए भौगोलिक स्थिति की अनदेखी करने के साथ लोगों से भी राय नहीं ली गई। बंद कमरे में बैठ कर कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए इसे तैयार किया गया।
उन्होंने कहा कि आरएस पुरा विधानसभा को तीन हिस्सों में बांट दिया गया। जम्मू जिले की पहले की तरह 11 सीटें ही रखी गई। सिर्फ नाम बदला गया है। इससे किसी को फायदा नहीं होने वाला। माकपा नेता किशोर कुमार ने बताया कि आरएस पुरा के प्रवेश द्वार की पंचायत खारिया व मरालिया को बिश्नाह के साथ जोड़ दिया गया है। दोनों पंचायतों को बिश्नाह की आरक्षित सीट में रखना इलाके के लोगों की अनदेखी करना है।
आम आदमी पार्टी के जम्मू संभाग के संयोजक ओम प्रकाश खजूरिया ने बताया कि जम्मू दक्षिण सीट लगभग 15 किलोमीटर क्षेत्र में होने पर आरएस पुरा सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का अधिकार छिना गया है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण लोगों की अलग-अलग परेशानियों का समाधान नहीं हो पाएगा। नए परिसीमन के बाद जम्मू कश्मीर में विधानसभा सीटों की संख्या 90 हो गई है।