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तानाशाही से किसानों की जमीनें छीन रही केंद्र सरकार : महबूबा

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आरएस पुरा। भाजपा की सरकार लोगों के साथ मनमानी कर रही है। केंद्र और राज्य सरकार खुद को न्याय प्रणाली से ऊपर मानती है, अगर ऐसा है तो अदालतों को बंद कर देना चाहिए। यह बात वीरवार को गांव घराना में पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीडीपी अध्यक्षा महबूबा मुफ्ती ने जनसभा को संबोधित करते हुए कही। कहा कि केंद्र सरकार तानाशाही से किसानों की जमीनें छीन रही है। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि कुछ समय पहले प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में कश्मीर के पुलवामा क्षेत्र में चल रही पेंसिल फैक्ट्री का जिक्र किया था और बताया कि इसके लोगों को काफी लाभ मिल रहा है, लेकिन सरकार ने इसे भी छीन लिया। पुलवामा में लोगों की जमीन पर सेना को बसा दिया गया है। आरोप लगाया कि सरकार जब चाहे किसी कि भी जमीन पर कब्जा कर लेती है। अगर सरकार को सौ कनाल चाहिए तो पांच सौ कनाल पर कब्जा किया जा रहा है।
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महबूबा ने कहा कि देश के किसानों ने सरकार को कृषि कानूनों को लेकर अपने आंदोलन से बता दिया कि तानाशाही नहीं चलेगी। पूर्व मुख्यमंत्री ने गांव घराना के किसानों को यकीन दिलाया कि पीडीपी उनके साथ खड़ी है। अगर जरूरत पड़ी तो सरकार के खिलाफ किसानों के साथ खड़ी होंगी। सरकार ने गांव घराना के किसानों की जमीनों पर कब्जा कर गलत किया है। सरकार चाहिए था कि वह पहले किसानों से बातचीत कर कृषि योग्य जमीन की तारबंदी करे। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि सरकार गांव घराना के किसानों की सभी मांगों पर ध्यान दे। उनको जमीन के बदले जमीन मिलनी चाहिए। किसान वेटलैंड के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन सरकार को प्रवासी पक्षियों के लिए किसानों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने किसानों को उनका हक दिलाने का अश्वासन दिया।
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किसानों को दी जाए चकरोई में खाली पड़ी जमीन
जनसभा के दौरान पंचायत के सरपंच गुरदयाल सिंह ने कहा कि किसानों की रोजी रोटी जमीन पर निर्भर है। चकरोई में कृषि विभाग के पास बंजर पड़ी जमीन किसानों को दी जाए, ताकि किसान उसे बेहतर बना खेतीबाड़ी कर वे परिवार का पालन पोषण कर सकें। जिला विकास परिषद सदस्य तरणजीत सिंह टोनी सहित स्थानीय किसानों ने पूर्व मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी समस्याओं को रखा।
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