जम्मू। कश्मीर से विस्थापित कश्मीरी पंडितों की घाटी में घर वापसी और पुनर्वास नीति की समीक्षा करने की जरूरत है। वर्तमान में चल रही नीतियों से कश्मीरी पंडितों की स्थायी वापसी संभव नहीं होगी। यह बात पनुन कश्मीर के चेयरमैन डॉ. अजय च्रुंगू ने रविवार को प्रेसवार्ता में कही।
उन्होंने कहा कि सरकारों ने कश्मीर पंडितों की वापसी और पुनर्वास नीतियों को ईमानदारी से डिजाइन नहीं किया। पीएम पैकेज के तहत नियुक्त कश्मीर में तैनात कश्मीरी पंडित कर्मचारियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। बुनियादी हक नहीं मिल रहे है। च्रंगू ने कहा कि वास्तव में आंतरिक रूप से विस्थापित हिंदुओं के लिए रोजगार पैकेज मुस्लिम व्यवस्था के लिए उन्हें बंधक बनाने का काम कर रहा है। कहा कि सरकार अफगानिस्तान में चल रहे गतिरोध को कम नहीं आंके। अफगानिस्तान के हालात का असर कश्मीर पर पड़ता है।