जम्मू। जम्मू-कश्मीर के लोग भाजपा के खराब प्रदर्शन, अवसरवादी और गलत नीतियों से तंग आ चुके हैं। प्रदेश में बदलाव की लहर के बीच कांग्रेस को ही एकमात्र विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस ही शांति, सदभाव, प्रगति और विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर के लोगों की खोई हुई गरिमा को बहाल कर सकती है। यह बातें ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की जम्मू-कश्मीर की प्रभारी रजनी पाटिल ने बुधवार को जम्मू वेस्ट स्थित शक्तिनगर में हुए कार्यक्रम में कहीं। इसका आयोजन पीसीसी महासचिव ठाकुर मनमोहन सिंह की ओर से किया गया था।
पाटिल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों की इच्छाओं के विपरीत एतिहासिक राज्य को डाउनग्रेड किया गया है। सत्ता के लिए भाजपा ने विभाजनकारी और अवसरवादी राजनीति से शांति, सद्भाव और प्रगति के माहौल को खराब किया है। उन्होंने पार्टी नेताओं को जमीनी स्तर पर गतिविधियां बढ़ाने पर जोर दिया। कहा कि कांग्रेस देश में एकमात्र राजनीतिक ताकत है जो लगातार स्वस्थ विपक्ष की भूमिका निभा रही है।
प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीए मीर ने कहा कि कांग्रेस एतिहासिक डोगरा राज्य की बहाली के लिए संघर्ष जारी रखेगी, जिसे मनमाने और अलोकतांत्रिक तरीके से छीन लिया गया है। भाजपा बिना देरी से स्थानीय लोगों की भूमि और नौकरी की गारंटी के साथ राज्य का दर्जा बहाल करे। परिसीमन की प्रक्रिया मानकों के तहत नहीं की गई है। चुनाव में लोग भाजपा को जवाब देंगे।
एआईसीसी की प्रवक्ता अलका लांबा ने कहा कि भाजपा ने जम्मू कश्मीर के लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ किया है। भाजपा हारने के डर से चुनाव में जानबूझकर देरी कर रही है। कार्यवाहक अध्यक्ष रमण भल्ला ने कहा कि भाजपा ने जम्मू के जनादेश के साथ विश्वासघात किया है। लोग खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। मूला राम ने कहा कि भाजपा विभाजन की नीतियों पर काम करती रही है। मुख्य प्रवक्ता रवींद्र शर्मा ने कहा कि भाजपा ने लोगों से झूठे वादे किए। इस मौके पर मनमोहन सिंह, योगेश साहनी, कांता भान, रजनीश शर्मा, इंदु पवार, हाजी राशिद आदि मौजूद रहे। शाम को पाटिल ने नानक नगर में भी पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की।