जम्मू। एआईसीसी की जम्मू कश्मीर मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल ने कहा कि कश्मीर में 1990 जैसे हालात हैं। लक्षित हत्याएं और आतंकी गतिविधियां जारी हैं। वहां दिन ब दिन हालात बद से बदतर हो रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री और प्रधानमंत्री ने हाउस में जम्मू कश्मीर में खुशहाली और सुरक्षित माहौल का सपना दिखाया था, लेकिन आज ऐसा नहीं है। हर कोई अपने जीवन को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहा है। पिछले संसदीय सत्र में कश्मीर फाइल्स, फिल्म पर चर्चा की गई, लेकिन किसी ने वास्तविकता जानने की कोशिश नहीं की। आम लोगों को सुरक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी है।
पटनीटॉप में प्रदेश कांग्रेस के नव संकल्प शिविर में शिरकत करके शुक्रवार को जम्मू लौटी पाटिल ने कहा कि कश्मीर में आतंकियों द्वारा लोगों को मारा जा रहा है। सरकार की कोई ठोस सुरक्षा नीति नजर नहीं आ रही है। प्रदेश में स्थिति सामान्य बनाने के लिए सरकार की जिम्मेदारी है। देशभर के लोगों में भी कश्मीर को लेकर असुरक्षित माहौल है।
आतंकी घटनाओं में मारे गए लोगों को उचित मुआवजे के साथ परिवार के एक सदस्य को तत्काल नौकरी दी जानी चाहिए। सरकार को तुरंत सभी गैर मुसलिम कर्मियों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना चाहिए। पार्टी के नव संकल्प शिविर पर रोशनी डालते हुए पाटिल ने कहा कि इसमें संगठनात्मक, राजनीति, आर्थिक, सशक्तीकरण आदि विषयों और मुद्दों पर गहनता से चर्चा की गई है। इसमें कई अहम फैसले भी लिए गए हैं। चुनाव प्रबंधन विभाग बनाने के साथ पार्टी इकाइयों के खाली पद भरे जाएंगे।
5-6 सदस्यों की राजनीतिक मामलों की समिति गठित होगी जो मिलकर फैसला लेगी। पार्टी में पचास प्रतिशत पदाधिकारी 50 से कम उम्र वाले होंगे। एक व्यक्ति को एक ही पद दिया जाएगा। एक व्यक्ति पांच साल तक ही एक पद पर रह सकता है। पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को स्वीकार करना चाहिए।
देश में मोदी सरकार के नेतृत्व में नफरत की राजनीति चल रही है, जिसका राहुल ही जवाब दे सकते हैं। शिविर में विभिन्न मुद्दों पर घोषणा की गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को ईडी द्वारा पुराने मामलों को खोलकर परेशान करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन भाजपा को इसका कोई लाभ नहीं मिलेगा। महाराष्ट्र में भी ईडी और सीबीआई का भाजपा सहारा लेती रही है।
शिविर में गुटबाजी दिखी, आजाद समर्थक नहीं पहुंचे
पटनीटॉप में हुए प्रदेश कांग्रेस के नव संकल्प शिविर में पार्टी की गुटबाजी दिखी। गत दिनों में लंबे समय बाद पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद प्रदेश मुख्यालय में प्रदेशाध्यक्ष जीए मीर के साथ दिखे थे। तब बताया गया था कि आजाद भी शिविर में पहुंचेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आजाद गुट के सभी प्रमुख नेता शिविर से गायब रहे। इसमें प्रमुख तौर पर पूर्व उपमुख्यमंत्री तारा चंद, मनोहर लाल, जुगल शर्मा, जीएम सरूरी, वकार रसूल, जीएन मोगा आदि शिविर से गायब रहे। आजाद गुट के प्रमुख नेता पहले भी प्रदेश कांग्रेस के मुख्य कार्यक्रमों से बाहर रहे हैं, जिसके लिए उन्हें पार्टी की ओर से नोटिस भी जारी किए गए हैं। इससे साफ है कि आगामी विधानसभा चुनाव में प्रदेश कांग्रेस को गुटबाजी का सामना करना पड़ेगा, जिसका नतीजों पर भी असर दिखेगा।
राज्य सभा में सीटों