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पीड़ित महिलाओं को कानूनी मदद भी दिलाएगी पुलिस

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जम्मू। घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न और अन्य मामलों से पीड़ित महिलाओं को निशुल्क कानूनी मदद मिलेेगी। महिला आईपीएस मोहिता शर्मा ने इसे लेकर विशेष कदम उठाया है। इसमें उनके साथ जिला पुलिस लाइन की सीनियर प्रॉसिक्यूशन ऑफिसर, डीएसपी जिला पुलिस मुख्यालय, महिला थाने की थानेदार भी शामिल हैं। जिला लीगल सर्विस अथॉरिटी की मदद से महिलाओं के लिए जनता दरबार शुरू किया गया है, जो अब हर महीने लगाया जाएगा।
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फिलहाल तीन दिन तक जनता दरबार लगाया गया है। इसमें 90 से अधिक शिकायतों पर महिलाओं की बात सुनी गई। 30 से ज्यादा शिकायतों को निवारण किया गया है। जबकि बाकी के मामलों में महिलाओं को कानूनी मदद मिलेगी, ताकि वे अपने हक की लड़ाई अदालत में पूरे दमखम से लड़ सकें।
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महिलाओं से जुड़े मामले बिना
एफआईआर हल करने की कोशिश
एसपी नॉर्थ मोहिता शर्मा ने बताया कि कोशिश की गई है कि महिलाओं को उनकी शिकायतों में कानूनी मदद दी जाए। साथ ही कोशिश की गई है कि महिलाओं के मामलों को बिना एफआईआर दर्ज किए हल किया जाए। वरिष्ठ वकीलों और जिला लीगल सर्विस अथॉरिटी के उप जज जाया फिरदौस की मौजूदगी में तीन दिन तक महिलाओं की शिकायतों पर सुनवाई की गई। एसपी मोहिता शर्मा का कहना है कि इस अभियान को हर महीने आयोजित करेंगे। ताकि महिलाओं को कानूनी मदद मिल सके। जानकारी के अनुसार एसपी मोहिता शर्मा के साथ डीएसपी स्वाति शर्मा, सीनियर पीओ पूजा पूजा निजोन, थाना प्रभारी अनीता काटल भी हैं। तीन दिन तक महिला पुलिस थाने में जनता दरबार लगाकर महिलाओं की शिकायतों पर काउंसलिंग की गई है। इसको अब हर महीने जारी रखा जाएगा। ऐसा पहली बार हुआ है, जब महिला थाने में महिलाओं के मामलों पर काउंसलिंग की गई हो।
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अदालतों में भटकना न पड़े
बहुत सी महिलाएं कानूनी मदद के अभाव में अपने हक की लड़ाई की नहीं लड़ पाती। या तो वकीलों की फीस नहीं दे पाती या फिर वह अदालत में जाने से डरती हैं। महिलाओं को पहले काउंसलिंग देंगे। दोनों पक्षों को आमने सामने बिठाकर समझौता करवाया जाएगा। यदि दूसरा पक्ष नहीं माना और महिलाओं को तंग करने का प्रयास किया गया तो उनको कानूनी मदद दी जाएगी, ताकि वह अपने खिलाफ होने वाले अत्याचार के खिलाफ लड़ सकें। कई महिलाओं को अदालत जाने पर वकील को देने के लिए पैसे तक नहीं होते। ऐसे में वकीलों के साथ मिलकर उनको कानूनी मदद देने का प्रयास किया गया है।
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