वर्ष 1947 में जम्मू में नरसंहार के दौरान मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए अलगाववादियों द्वारा आयोजित एकता रैली को पुलिस ने विफल बना दिया। इसके लिए श्रीनगर में शुक्रवार को सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे।
इस दौरान सभी दुकानें, कारोबारी इदारे, स्कूल-कालेज आदि बंद रहे। यातायात भी सड़कों पर नहीं के बराबर रहा सरकारी दफ्तरों में हाजिरी भी कम रही।
शाम के समय जब सख्ती हटी तो सफाकदल और नौहट्टा में जमकर पत्थरबाजी हुई। उसे नियंत्रण में करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। इससे हालात तनावपूर्ण बन गए।