आतंकियों के परिजनों से बात करते सेना और पुलिस के अधिकारी
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कश्मीर के भटके हुए युवाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए सेना और पुलिस लगातार प्रयास करती है। इसी क्रम में मंगलवार को पुलिस और सेना के अधिकारियों ने शोपियां में आतंकवादियों के 83 परिवार के सदस्यों को संबोधित किया। इस दौरान अधिकारियों ने अभिभावकों से अपने बच्चों को आतंकवाद का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में आने के प्रेरित करने की अपील की। इस दौरान जीओसी चिनार कॉर्प्स लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे, जीओसी विक्टर फोर्स मेजर जनरल राशिम बाली और आईजीपी कश्मीर विजय कुमार मौजूद रहे।
जीओसी 15 कोर ने सक्रिय आतंकवादियों के परिवार के सदस्यों को संबोधित करते हुए दोहराया कि सुरक्षाबल मुठभेड़ के दौरान भी आत्मसमर्पण करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि गुमराह युवाओं को आत्मसमर्पण करने में सक्षम बनाने के लिए हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। सुरक्षाबल इन युवाओं के साथ मिलकर उनकी चिंताओं को दूर करने और मुख्यधारा में शामिल होने में उनकी सहायता करेंगे।
जीओसी चिनार कॉर्प्स ने भटके हुए युवाओं के माता-पिता से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों से हिंसा का रास्ता छोड़कर घर लौटने की अपील करें। उन्होंने कश्मीर घाटी में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षाबलों की प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि की।
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पुलिस और सेना के अधिकारियों ने कहा कि बातचीत का उद्देश्य सक्रिय आतंकवादियों के परिवारों के बीच विश्वास जगाना और सुरक्षाबलों की मंशा को बताना है। सामाजिक और पारिवारिक समर्थन आतंकी बने युवाओं को हिंसा और मौत के रास्ते से दूर कर सकता है। कहा कि सुरक्षाबल बिना हथियारों के आतंकवादियों (सफेदपोश जिहादियों) पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य हिंसा के चक्र को तोड़ना है।