लश्कर-ए-तैयबा के मॉड्यूल के बारे में जानकारी देती पुलिस
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जम्मू-कश्मीर के बारामुला में सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-तैयबा के एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। जिसमें आतंकियों के दो मददगारों को गिरफ्तार किया गया है। ये दोनों 22 अगस्त को पुलिस गार्ड और सरपंच के घर पर ग्रेनेड हमले में शामिल थे। पूछताछ के दौरान यह सामने आया कि दोनों आतंकी संगठन लश्कर के ओजीडब्ल्यू हैं और पाकिस्तान स्थित एक हैंडलर के इशारे पर काम कर रहे थे।
बता दें कि इसी महीने की 22 तारीख को क्रेरी में एक धमाके की सूचना पुलिस को मिली। जिसके बाद एसओजी क्रेरी, सीआरपीएफ की 176-बटालियन और सेना की 52-आरआर(राष्ट्रीय राइफल्स) की टीम उक्त गांव की ओर रवाना हुई। जांच के दौरान यह पता चला कि एक ग्रेनेड पुलिस गार्ड और एक सरपंच के घर की ओर फेंका गया था। जिससे खिड़की के शीशे और वाहन को कुछ मामूली नुकसान हुआ था। इस संबंध में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया और जांच शुरू की गई।
इस दौरान कई संदिग्धों को पूछताछ के लिए बुलाया गया। सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर मोहम्मद सलीम खान पुत्र गुलाम हसन खान निवासी न्यू कॉलोनी श्रकवाड़ा और सजाद अहमद मीर निवासी अली मोहम्मद मीर को मामले में आरोपी पाया गया। पूछताछ के दौरान दोनों ने बताया कि वो लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम कर रहे थे। साथ ही पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में थे।
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पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी नशे के आदी हैं। साथ ही लश्कर के आतंकवादी हिलाल शेख और उस्मान के संपर्क में थे। जिनके निर्देश पर उन्होंने श्रीनगर से ग्रेनेड प्राप्त किया था। आरोपियों के पास से दो ग्रेनेड और 100 ग्राम नशीला पदार्थ बरामद किया गया है।