अखनूर। म्यूनिसिपल कमेटी अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा और उपाध्यक्ष अमिता गुप्ता के त्यागपत्र के बाद दोनों पक्षों में पार्षदों की तरफ से दावेदारी करने पर राजनीतिक गतिविधियों शुरू हो गई हैं। दोनों पक्ष अपने-अपने प्रत्याशी के समर्थन में रणनीति बना रहे हैं। जबकि भाजपा हाईकमान उनमें सुलह कराने के प्रयास में है।
म्यूनिसिपल कमेटी में एक-एक साल में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को बदलने की प्रक्रिया तय की गई थी। अब समय पूरा होने पर भाजपा के सात पार्षदों की तरफ से दोनों को हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाने से हड़कंप मच गया है। भाजपा के सभी 13 पार्षद दो पक्ष में बंट गए हैं। दोनों ही अपना प्रतिनिधि पेश करने पर अडे़ हैं। एक सप्ताह से बने राजनीतिक समीकरण पर अध्यक्ष के लिए पार्षद राकेश मल्होत्रा और संजय सराफ के नाम पर चर्चा की जा रही है। दोनों गुट भाजपा प्रभारी और अखनूर भाजपा प्रभारी से अलग-अलग मुलाकात करके अपनी दावेदारी पेश कर रहे चुके हैं। हालांकि महामंत्री अशोक कौल ने भी फोन से अखनूर भाजपा जिला पदाधिकारी और पूर्व विधायक राजीव शर्मा से बने विवाद की जानकारी ली, ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि अगले सप्ताह सभी पार्षदों की बैठा होगी और उसमें सहमति से चयन किया जाएगा।
वहीं कस्बे के लोगों का कहना है कमेटी में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को लेकर चल रही आपसी लड़ाई से कस्बे के कई विकास कार्य रुके हैं। भाजपा हाईकमान को चाहिए कि इन पदों पर उसे तैनात करे जो लंबित विकास कार्य शुरू करा सके। लोगों का कहना है कि तीन साल में गठित कमेटी विकास कार्यों की प्रगति की छाप नहीं छोड़ सकी है।