अमर नाथ यात्रा से लौटकर आए श्रद्धालु रंजनीकांत की सीने में दर्द के कारण मौत हो गई। परिवार के सदस्यों ने रंजनीकांत की अंतिम इच्छा के अनुसार उनका शव मेडिकल कॉलेज में दान कर दिया। रंजनी की इच्छा थी कि जहां भी उनका देहांत हो उनके शव को दान कर दिया जाए आग की भेंट ना चढ़ाया जाए।
गुजरात के रहने वाले रंजनी कांत के शव को गवर्नमेंट मेडिकल कालेज अस्पताल के विद्यार्थियों के एक्सपेरिमेंट के लिए दान कर दिया, ताकि मेडिकल के छात्रों को शव से कुछ सीखने को मिल सके। परिवार के लोगों ने उनके शव का पोस्टमार्टम न करवाने की संबंधित नवाबाद थाने के एसएचओ से अपील की थी, जिसके बाद एसएचओ ने परिवार के सदस्यों के जम्मू पहुंचने तक इंतजार किया।
जानकारी मुताबिक रजनी कांत श्री अमरनाथ यात्रा और कटड़ा स्थित श्री माता वैष्णो देवी के दर्शन के बाद पुरन नगर सेवादार के घर में ठहरे थे। सीने में दर्द होने की वजह से उनकी मौत हो गई थी। परिवार के लोगों ने बताया कि रजनी कांत शुरू से सामाजिक कार्यों को करने में रुचि रखते थे।
उन्होंने शपथपत्र में लिखा था कि उनका जहां भी देहांत हो उनके शव को आग की भेंट न चढ़ाया जाए, बल्कि संबंधित किसी मेडिकल कालेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को एक्सपेरिमेंट के लिए सौंप दिया जाए।