चॉपर हादसे के बाद मंगलवार को बार एसोसिएशन ने रोष जताते हुए हुए कहा कि कटड़ा-सांझी छत के बीच चलने वाली हेलिकाप्टर सेवाओं द्वारा में लगातार नियमों का उल्लंघन किया जाता रहा है।
इसलिए एसोसिएशन हेलिकाप्टर सेवाओं के खिलाफ पीआईएल दायर करेगी। बार एसोसिएशन के सदस्य घटनास्थल पर पहुंच कर संबंधित एजेंसियों पर लापरवाही का आरोप लगाया।
एसोसिएशन के प्रधान डीके कपूर और सीनियर एडवोकेट कुलदीप दुबे का कहना था कि इससे पहले हुई दुर्घटना के दौरान डीजीसीए सहित श्राइन बोर्ड ने कहा था कि हेलिकाप्टर सेवाएं कटड़ा और सांझी छत के बीच आवाजाही के दौरान आवासीय क्षेत्र के बाहर का रूट अपनाएंगी।
जबकि समय गुजरने के साथ ही हालात बद से बदतर होते गए। परिणामस्वरूप एक और बड़ी दुर्घटना हुई है। हालांकि पायलट की सूझबूझ से हेलिकाप्टर खुले मैदान में गिरा। अन्यथा हादसा और भयावह हो सकता था।
उन्होंने आरोप लगाया कि उड़ानों की संख्या और अधिक मुनाफाखोरी की होड़ में हेलिकाप्टर सेवाएं लगातार शार्ट रूट अपनाती रही हैं, जिससे इन सेवाओं पर प्रश्नचिह्न लगता है। बार एसोसिएशन द्वारा इस बात का भी हवाला दिया गया कि हेलिकाप्टर सेवा वृद्ध अपंग और शारीरिक रूप से कमजोर लोगों के लिए शुरू की गई थी।
जबकि मौजूदा समय में श्राइन बोर्ड द्वारा इसे मुनाफाखोरी और प्रियजनों को खुश करने का साधन बना दिया गया है। एसोसिएशन ने हेलिकाप्टर सेवा में एक बड़े माफिया के तौर पर काम करने की बात तक कह डाली है।
एसोसिएशन ने इन विभिन्न मुद्दों को नजर में रखते हुए पीआईएल दायर करने की बात कही है। इस दौरान ऐडवोकेट संदीप पाधा, पवन खजूरिया, प्रवेश कांत, कृतिका बड़याल, सुधांशु सडोत्रा, मानव समोत्रा, राशी बडू आदि मौजूद थे।