इंडियन आयल के राज्य स्तरीय संयोजक राजीव यादव का कहना है कि पेट्रोल में 10 फीसदी एथनॉल का मिश्रण भारत सरकार की नीति के तहत किया जा रहा है। कई राज्यों के बाद इसे जम्मू में गत 8 जुलाई से सप्लाई किया जा रहा है। लेकिन अभी किसी वाहन के पेट्रोल से कोई खराबी होने की शिकायत नहीं मिली है। अगर किसी वाहन की टंकी में पहले से पानी है, तो उसके इंजन को नुकसान पहुंचना लाजमी है। इसके लिए पेट्रोल की टंकी को ड्राई रखना जरूरी है, जिससे कोई दिक्कत नहीं होती है। कंपनी शनिवार से कश्मीर में भी एथनॉल मिश्रित पेट्रोल की सप्लाई करेगी।
एथनॉल एक तरह का अल्कोहल है जिसे पेट्रोल में मिलाकर गाड़ियों में फ्यूल की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। एथनॉल का उत्पादन यूं तो मुख्य रूप से गन्ने की फसल से होता है, लेकिन शक्कर वाली कई अन्य फसलों से भी इसे तैयार किया जा सकता है। ईंधन के रूप में प्रयुक्त एथनॉल रासानियक रूप से एथिल अल्कोहल ही है, जो सामान्य तौर पर अल्कोहलिक पेयों में पाया जाता है।
गन्ने की पिराई के हर टन से मिलों द्वारा 95 किलो चीनी और 45 किलो गुड़ का उत्पादन किया जाता है, जो लगभग 10.8 लीटर एथनॉल का उत्पादन करता है। एथनॉल में रासायनिक सूत्र सी2एच5ओएच है। एथनॉल का उपयोग वार्निश, पॉलिश, दवाओं के घोल, कृत्रिम रंग, साबुन, इत्र, अल्कोहलिक पदार्थों में, ईंधन आदि में।