एनडीआरएफ को पता नहीं था कि बारह दिन पहले जिन लोगों को बचाने के काम में वे लोग जुटे थे बाद में उन्हीं का विरोध भी झेलना पड़ेगा। राहत कर्मियों पर पत्थरबाजी और विरोध का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
श्रीनगर के कई क्षेत्रों में एनडीआरएफ को भारत विरोधी नारेबाजी, पथराव और मारपीट का सामना करना पड़ा। एनडीआरएफ के पांच सदस्य इस दौरान घायल हो गए, जबकि उनकी कुछ नावों को भी लोगों ने छीन लिया।
एनडीआरएफ के अधिकारियों के अनुसार, एक नाव अभी भी लापता है। कुछ शरारती तत्वों द्वारा जीवन रक्षक जैकेट भी छीन लिए गए। गौरतलब है कि असामाजिक तत्व और अलगाववादी लगातार प्रभावित इलाकों में इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।