घाटी की बाढ़ से निकली कुलगाम निवासी जुलेखा (40) जिंदगी और मौत से लड़ रही है। छह माह के गर्भपात के बाद बाढ़ में समय पर उचित इलाज न मिल पाने के कारण उसकी दोनों किडनियों ने जवाब दे दिया।
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल जम्मू के नेफरोलाजी यूनिट में वेंटिलेटर के सहारे इस अभागी की सांसें चल रही हैं। उसे कई बोतल खून भी चढ़ाया गया है, लेकिन राहत में कुछ खास सुधार नहीं हो रहा है। डाक्टरों के अनुसार जुलेखा की हालत गंभीर है।
गत दिनों जुलेखा को कुलगाम से सेना ने निकालकर जम्मू पहुंचाया था। जीएमसी की इमरजेंसी में उसे इलाज दिया गया लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के नेफरोलाजी यूनिट में शिफ्ट कर दिया गया।
समय पर इलाज न मिला, किडनियों ने दिया जवाब
पति गुलजार अहमद ने बताया कि जुलेखा का छह माह का गर्भपात हो गया था। तभी अचानक पूरी घाटी को बाढ़ ने घेर लिया। उनके निवास के आसपास भी बाढ़ आ गई।
जिस समय उसे इलाज की जरूरत थी, उस समय उसने बाढ़ का दृश्य देखा और भारी तनाव में चली गई। शरीर में लगातार संक्रमण बढ़ने और इलाज के अभाव में उसकी दोनों किडनियां अचानक खराब हो गईं।
किसी तरह सेना ने उन्हें निकाल कर जम्मू पहुंचाया। भाई मोहम्मद अमीन ने बताया कि जिस समय जुलेखा को जम्मू लाया गया था, उस समय वह पूरी तरह से बेहोश थी लेकिन अब उसे होश तो आया है, मगर अब भी वह बोलने में असमर्थ है।
लगातार गंभीर बनी हुई है हालत
यूनिट के एचओडी डा. एसके बाली के अनुसार जुलेखा को किडनी की एक्यूट रेनियल फेलियर की शिकायत हुई है। ऐसे मामलों में समय पर इलाज न मिलने के कारण किडनी काम करना बंद कर देती है।
तीन दिन में जुलेखा के तीन डायलेसिस किए जा चुके हैं। उसकी हालत अभी गंभीर है लेकिन पहले से सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि घाटी में बाढ़ के बाद कई किडनी के पीड़ित यूनिट में आ रहे हैं। हाईवे खुलने पर इनकी तादाद बढ़ने की उम्मीद है।