पासपोर्ट बनाने में अब पैन कार्ड की जन्मतिथि को मान्य मानने से रियासत के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। दरअसल, आतंकवाद से ग्रस्त राज्य और 370 होने की वजह से कई ऐसी शर्तें हैं, जिनको पूरा करते करते लोगों को काफी दिक्कत झेलनी पड़ती है। जहां तक कि रियासत के अधिकतर लोगों के पास आधार कार्ड भी नहीं है।
अब इससे काफी लाभ मिलेगा। अब तक सिर्फ थाने और दसवीं के डिप्लोमा को ही जन्मतिथि के लिए मान्य माना जाता था। 26 दिसंबर से इसे रियासत में लागू किया जाएगा। केंद्र की तरफ से पासपोर्ट विभाग को इसका आदेश जारी हो गया है। इसके साथ कई अन्य राहतें भी देने की तैयारी है।
जम्मू कश्मीर जैसे राज्य में पासपोर्ट बनाने के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, लेकिन अब यह बहुत आसान होगा। उल्लेखनीय है कि पासपोर्ट के लिए सबसे अहम दस्तावेजों में जन्मतिथि शामिल है। यह दस्तावेज या तो थाने से मिली जन्मतिथि प्रमाणपत्र के रूप में मान्य माना जाता था या फिर दसवीं के डिप्लोमा की जन्मतिथि को मान्य माना जाता था। अब जिसके पास पैन कार्ड होगा, उसकी जन्मतिथि भी मान्य होगी।