बाड़ी ब्राह्मणा स्टेशन जम्मू रेलवे स्टेशन का विकल्प बनता जा रहा है। लंबी दूरी की की लेट लतीफ ट्रेनों को बाड़ी ब्राह्णा रेलवे स्टेशन पर घंटों खड़ा कर दिया जाता है। जम्मू रेलवे स्टेशन का आउटर भी ट्रेनों के लिए ठहराव स्थल बनता जा रहा है।
इसकी वजह से लंबे सफर से आने वाले यात्री बाड़ी ब्राह्मणा में घंटों ट्रेन के आगे बढ़ने का इंतजार करने के लिए मजबूर होते हैं। वहीं, आउटर पर भी ट्रेनों के ठहराव से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के मुताबिक नौ नवंबर को टाटा मूरी एक्सप्रेस को बाड़ी ब्राह्मणा से जम्मू रेलवे स्टेशन तक पहुंचने में करीब एक घंटे से ज्यादा समय लगा। वहीं 10 नवंबर को जन्मभूमि एक्सप्रेस को जम्मू स्टेशन तक पहुंचने में करीब आधा घंटा समय लगा।
इसके अलावा हिमगिरि बाड़ी ब्राह्मणा से दोपहर बाद करीब 3.30 बजे चली, जो 4.10 पर जम्मू रेलवे स्टेशन पहुंची। मालवा एक्सप्रेस भी बाड़ी ब्राह्मणा से शाम 7.35 पर चली, जो जम्मू स्टेशन 8.10 पर पहुंची। इसी तरह 11 नवंबर को टाटा मूरी एक्सप्रेस बाड़ी ब्राह्मणा से शाम करीब साढ़े चार बजे चली, जो 05:05 मिनट पर जम्मू पहुंची।
इसी दिन मालवा एक्सप्रेस 06:40 पर बाड़ी से आगे बढ़ी, जो सात बजे के करीब जम्मू स्टेशन पहुंच सकी। 12 नवंबर को भी ट्रेनों की लेटलतीफी का सिलसिला जारी रहा। इस दिन करीब दस घंटे देसी से अर्चना एक्सप्रेस जम्मू स्टेशन पहुंच सकी।
बाड़ी ब्राह्मणा में देरी से चलने वाली ट्रेनों को ठहराना मजबूरी है, क्योंकि जम्मू में तीन प्लेटफार्म ही हैं। वहीं वन-वे ट्रैक होने से भी दिक्कतों का सामना जम्मू रेल प्रबंधन कर रहा है।
इसके अलावा उधमपुर से जम्मू की ओर ट्रेनों के आने की स्थिति में पठानकोट की तरफ से आने वाली ट्रेनों को आउटर पर या फिर बाड़ी ब्राह्मणा में रोकना पड़ रहा है।